बढ़ाई गई ताज महल की सुरक्षा, शिवसेना ने दी थी मकबरे के भीतर आरती की धमकी
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के आगरा में जिला प्रशासन अर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के कहने पर ताज महल की सुरक्षा मजबूत करने के लिए राजी हो गया है। ये फैसला शिवसेना द्वारा सावन के महीने में हर सोमवार को ताज महल में आरती कराने की धमकी के बाद लिया गया है।

अर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा लिखे गए खत में कहा गया कि प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के तहत संरक्षित स्मारक में किसी भी प्रकार की धार्मिक प्रथा और नई परंपरा की शुरुआत अधिनियम के नियमों के खिलाफ है। बता दें कि आगरा में शिवसेना के अध्यक्ष वीनू लवानिया ने 17 जुलाई के जिला प्रशासन को चेतावनी दी थी कि हिम्मत है तो पुलिस उन्हों ताज महल के भीतर आरती पूजा करने से रोक कर दिखाई। वीनू लवानिया ने कहा था कि ताजमहल कोई मकबरा नहीं बल्कि तेजो महालय है, जो भगवान शिव का मंदिर है। हम 'सावन' के हर सोमवार को तेजो महालय में आरती करेंगे।
आगरा सर्कल के एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद् वसंत स्वर्णकार ने कहा कि ताजमहल में कभी भी कोई 'आरती' या 'पूजा' नहीं की गई है। हमने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि वे ताज महल के बाहर सुरक्षा इंतजामों को बेहतर करें। जिले के एडीएम के पी सिंह ने कहा कि शहर में किसी क भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। एएसआई के आग्रह के अनुसार ताज महल के बाहर सुरक्षा के अच्छे इंतजाम किए जाएंगे।
बता दें कि बीते साल राइट विंग की कुछ महिलाओं ने ताजमहल के भीतर मस्जिद में पूजा की था। वे ये साबित करना चाहती थीं कि ये इमारत असल में एक शिव मंदिर है। इसके अलावा 2008 में शिव सेना के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने ताजमहल में घुसकर, हाथ जोड़कर परिक्रमा का धार्मिक अनुष्ठान किया था, और जब पुलिस ने उन्हें उकसाया और चुनौती दी, तो वे हाथापाई पर उतारू हो गए, नतीजा हुआ कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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