School Holidays on MahaShivratri:क्या महाशिवरात्रि पर इन राज्यों में स्कूल बंद हैं?

School Holidays on MahaShivratri: All Govt, Private Schools To Remain Closed Today, Read Details Hindi

School Holidays on MahaShivratri: आज पूरा देश महाशिवरात्रि का पर्व मना रहे हैं, सुबह से ही शिव मंदिरों के सामने भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। शिवालयों में हर-हर महादेव की गूंज सुनाई दे रही है तो वहीं दूसरी ओर देश के बहुत सारे राज्यों में आज शिवरात्रि की वजह से स्कूलों में छुट्टी भी है।

मालूम हो कि ये अवकाश सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में लागू है।दिल्ली, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश तथा कई अन्य राज्यों में महाशिवरात्रि पर स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है लेकिन नोएडा और गुरुग्राम में स्कूल बंद होने के बारे में अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।

School Holidays on MahaShivratri

हालांकि जहां-जहां परीक्षाएं चल रही हैं, उन स्कूलों में आज छुट्टी जरूर है इसलिए सभी छात्र-छात्राओं को आज स्कूल जाने से पहले जरूर छुट्टी के बारे में पता करना चाहिए।

आज के बाद होली, गुड फ्राइडे, ईद-उल-फ़ितर, राम नवमी, मुहर्रम, स्वतंत्रता दिवस, रक्षा बंधन, जन्माष्टमी, दशहरा, दिवाली और क्रिसमस पर स्कूल बंद रहेंगे तो वहीं राज्यों में कुछ जगहों पर क्षेत्रीय हॉलीडे होने पर छुट्टी होती है। आपको बता दें कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए ये दिन बेहद ही पावन माना जाता है।

लोगों को मोक्ष की प्राप्ति होती है (School Holidays on MahaShivratri)

भक्तगण आज के दिन व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं, माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है और लोगों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

आपको बता दें कि भगवान शिव को भोलेनाथ, महादेव, नीलकंठ और महादेव के नामों से भी पूकारा जाता है। वो कैलाश पर्वत पर निवास करते हैं और उनका रूप काफी अलग और अलौकिक है। वैसे तो वो त्याग और वैराग्य के प्रतीक हैं लेकिन मां पार्वती के प्रेम ने उन्हें आदर्श पति और पिता बना दिया तो वहीं हिमालय पुत्री मां पार्वती शक्ति, भक्ति और धैर्य की देवी हैं। पार्वती को मां दुर्गा, काली और गौरी के रूप में भी पूजा जाता है। वे आदर्श पत्नी और मां हैं।

शिव और पार्वती का विवाह (School Holidays on MahaShivratri)

उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। देवताओं और ऋषियों के समक्ष उनका विवाह संपन्न हुआ था, जिस दिन उनकी शादी हुई थी वो शिवरात्रि का दिन था, तब से ही महाशिवरात्रि का दिन शिव-पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक बन गया।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी चीज को अमल लाने के लिए किसी ज्योतिषी और किसी पंडित से अवश्य बात करें।

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