NEET-PG Counselling 2021: सुप्रीम कोर्ट ने OBC, EWS कोटा मामले में फैसला सुरक्षित रखा
नई दिल्ली, 06 जनवरी: सुप्रीम कोर्ट ने सभी मेडिकल सीटों के लिए NEET में प्रवेश के लिए ऑल इंडिया कोटा मेडिकल सीटों में ओबीसी के लिए 27% और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 10% आरक्षण देने के केंद्र के फैसले से संबंधित याचिकाओं पर आदेश सुरक्षित रखा है। शीर्ष अदालत के समक्ष मामला लंबित होने के कारण NEET-PG काउंसलिंग रोक दी गई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नीट पीजी काउंसलिंग राष्ट्रहित में शुरू होनी चाहिए। इस मामले की सुनवाई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की स्पेशल बेंच ने की। दरअसल, शीर्ष अदालत मामले में तत्काल सुनवाई के लिए केंद्र के अनुरोध के बाद याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हुई थी।
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शीर्ष अदालत में ऑल इंडिया कोटा मेडिकल सीटों में ओबीसी को 27 फीसदी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के छात्रों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए केंद्र और चिकित्सा परामर्श समिति (MCC) की 29 जुलाई की अधिसूचना को चुनौती देने के लिए याचिका लगाई गई थी, जिस पर अदालत ने गुरुवार को सुनाई की। याचिका पर 5 जनवरी से ही सुनवाई शुरू हो गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। ऐसे में नीट पीजी काउंसलिंग तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक सुप्रीम कोर्ट ईडब्ल्यूएस और ओबीसी आरक्षण की वैधता का फैसला नहीं कर देता।
वहीं इससे पहले यानी 5 जनवरी को सीनियर वकील अरविंद दातार और श्याम दीवान की दलीलें सुन गईं। याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील ने तर्क दिया था कि आरक्षण की नई व्यवस्था अगले साल से लागू होनी चाहिए। उन्होंने ईडब्ल्यूएस और ओबीसी कोटा को लागू करने के लिए 29 जुलाई की अधिसूचना का जिक्र करते हुए कहा था कि यह "खेल के नियमों को बीच में बदलने" जैसा है, क्योंकि आरक्षण नीति परीक्षाओं की अधिसूचना के बाद पेश की गई थी।
बता दें कि 50 फीसदी ऑल इंडिया कोटा मेडिकल सीटों के लिए NEET-PG काउंसलिंग 25 अक्टूबर से शुरू होने वाली थी, लेकिन एमसीसी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इसे स्थगित कर दिया था।












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