पीएमसी बैंक घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने खाताधारकों की याचिका सुनने से किया इनकार, हाईकोर्ट जाने की सलाह दी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, जिसे पीएमसी बैंक के कुछ खाताधारकों ने दायर किया था। इस याचिका में पैसे की निकासी पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को निर्देश देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे राहत के लिए संबंधित उच्च न्यायालयों का रुख कर सकते हैं।

बता दें पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) बैंक घोटाले के खाताधारक परेशान हैं। उनकी कमाई बैंक में फंसी है जिसे वे निकाल नहीं पा रहे हैं। पीएमसी बैंक के खाताधारकों ने कोर्ट के सामने प्रदर्शन भी किया था। अभी तक तीन खाताधारकों की मौत की खबर सामने आ चुकी है। जिनमें दो पुरुषों की मौत हार्ट अटैक से हुई है। जबकि एक महिला ने आत्महत्या कर ली है।
जानकारी के मुताबिक पीएमसी बैंक घोटाला मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बैंक की आंतरिक टीम की जांच में यह बात सामने आई है कि बैंक रिकॉर्ड से 10.5 करोड़ रुपये गायब हैं। मामले की जांच कर रही टीम को एचडीआईएल और इससे जुड़ी कंपनियों द्वारा जारी किए गए कई चेक मिले हैं जिसमे चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इन चेक को बैंक में कभी जमा ही नहीं किया गया, बावजूद इसके नगदी दे दी गई। हालांकि पहले कहा जा रहा था की पीएमसी का पूरा घोटाला 4355 करोड रुपये का है, लेकिन हकीकत में यह 6500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का घोटाला है।
इसके अलावा 50-50 लाख रुपये का भी कोई हिसाब नहीं है। बता दें कि आरबीआई द्वारा नियुक्त टीम इस मामले की जांच कर रही थी, जिसे इस बात की जानकारी मिली है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि एचडीआईएल की कंपनियो ने पिछले दो वर्षों में बैंक के पूर्व एमडी जॉय थामस को कई चेक भेजे, उन्हें कैश दिया भी गया, लेकिन चेक को जमा नहीं किया गया, ना ही इस चेक की एंट्री की गई। माना जा रहा है कि थॉमस ने 50-55 लाख रुपये अपने पास रख लिए थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह पूरा घोटाला तकरीबन 6500 करोड़ रुपये का है। माना जा रहा है कि अब एफआईआर में भी इस राशि को जोड़ा जा सकता है। गौरतलब है कि पीएमसी के पूर्व डायरेक्टर जॉय थॉमस गुरुवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं। फिलहाल वह जेल में बंद हैं।












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