घने जंगलों के बीच राजस्थान की ऐसी जगह जहां एक साथ बहते हैं 20 झरने, इंसान नहीं ये बाघों का गढ़
सवाई माधोपुर। राजस्थान में सवाई माधोपुर जिले का रणथंभौर नेशनल पार्क बाघों के लिए जाना जाता है। यहीं पर झरने भी खूब बहते हैं। घने जंगलों के बीच यह राजस्थान की एकमात्र ऐसी जगह है, जहां 20 झरने बहते हैं। यहां लोगों की बसावट नहीं है, बल्कि यह बाघों का गढ़ है। मानसूनी बारिश का सीजन इन झरनों की खूबसूरती को और बढ़ा देता है। अब सवाई माधोपुर के जंगल हरियाली से इतरा रहे हैं। झरनों से काफी दूर तक पानी की झंकार सुनाई दे रही है। निचले इलाकों के जंगली जीव ऊपरी इलाकों का रूख कर रहे हैं।

1334 वर्ग किलोमीटर में फैला है जंगल:
रणथंभौर नेशनल पार्क 1334 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। इस नेशनल पार्क के एक तरफ बनास नदी है और दूसरी तरफ चंबल नदी। यहीं, पहाड़ी पर एक सिद्ध गणेश मंदिर है, जहां तक पैदल ही जाया जाता है। इस पूरे नेशनल पार्क में करीब 72 बाघ रहते हैं।
जो 20 झरने हैं उनमें अमरेश्वर महादेव, सोलेश्वर महादेव, झोझेश्वर महादेव, केल कुंड, सीता माता, सलावटी घाटी झरना, माता खोहरा, मोर कुंड, खटोला, भंवर खो, डेढ़ पत्या की बावड़ी, तारागढ़ किले का झरना, मिश्र दर्रा, कुशालीदर्रा आदि का नाम लिया जा सकता है। इन्हीं में कई झरने ऐसे हैं जो बाघों की शरणस्थली में पड़ते हैं। सोलेश्वर, सलावटी झरना यहां के बाघों का गढ़ है। इसी तरह अमरेश्वर झरने के पास भी बाघों का मूवमेंट देखा जा सकता है।

झोझेश्ववर झरना:
रणथंभौर नेशनल पार्क में झोझेश्ववर झरना सबसे ज्यादा मन मोहता है। हालांकि, यहां बाघ विचरते रहते हैं। यह टाइगर जोन नंबर 10 में आता है।
- सोलेश्वर महादेव झरना: बारिश के दिनों में इस झरने से 50 फीट की ऊंचाई से पानी गिरता है। यह झरना टाइगर जोन नंबर-2 में आता है।

सलावटी घाटी झरना:
यह जंगल के सबसे वीरान क्षेत्र में पड़ता है, जो कि यह टाइगर की टेरिटरी है। यह टेरिटरी जोन नंबर-6 में आती है।

रणथम्भौर किला:
सवाई माधोपुर में रणथम्भौर दुर्ग भी राजस्थान के किले-महलों में अहम स्थान रखता है। इतिहासकार अबुल फजल ने इस दुर्ग के बारे में कहा था कि, अन्य सब किले नंगे हैं, जबकि रणथम्भौर किला बख्तरबंद है। ऐसा इसलिए क्योंकि, इसके एक तरफ खाई और दूसरी तरफ जंगल एवं पहाड़ी है। इस किले में त्रिनेत्र गणेश मन्दिर, हम्मीर कचहरी, 32 खम्भों की छतरी, पद्मला तालाब, जैन मन्दिर, दरगाह सहित कई दर्शनीय स्थल हैं।

अन्य प्रसिद्ध तीर्थस्थल:
रणथंबौर नेशनल पार्क के लिए सवाईमाधोपुर एवं दौसा जिले में कई प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल हैं। यहां चौथ माता मन्दिर चौथ का बरवाड़ा है। घुश्मेश्वर महादेव हैं, जो कि भगवान शिव के 12वें ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रसिद्ध हैं। इसके अलावा प्राचीन मंदिरों में सवाईमाधोपुर के शिवाड़ का भी नाम आता है। यहां वर्षा ऋतु में हरियाली बड़ी ही मनमोहक दिखाई देती है।

चौथ माता मंदिर:
सवाई माधोपुर के सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक चौथ माता मंदिर है। यह मंदिर सवाई माधोपुर शहर से 35 किमी दूर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इसकी पहाड़ी की ऊंचाई 897 मीटर है, जो राजस्थान 9वीं सबसे ऊंची पहाड़ी बताई जाती है।

काला गोरा भैरव:
सवाई माधोपुर शहर का कोतवाल कहा जाने वाला काला गौरा भैरव का मंदिर भी मुख्य द्वार पर पड़ता है। यह मन्दिर भैरव की तांत्रिक पीठ के रूप में विख्यात है। स्थानीय लोग बताते हैं कि, यह स्थान नाथ-योगियों तीर्थ स्थल रहा है।
-
Monalisa Caste: मुस्लिम मर्द से शादी करने वाली मोनालिसा की क्या है जाति? क्या कर लिया धर्म परिवर्तन? -
IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी रद्द, BCCI ने अचानक ले लिया बड़ा फैसला, मैच पर भी मंडराए संकट के बादल? -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी होने लगा महंगा, गोल्ड 6000 और सिल्वर के 10,000 बढ़े भाव, अब ये है रेट -
Nitish Kumar का मास्टरस्ट्रोक! राज्यसभा गए पर CM पद पर अब भी सस्पेंस! 14 अप्रैल के बाद बिहार को मिलेगा नया CM? -
राजस्थान रॉयल्स की 13,500 करोड़ की डील रुक गई? बॉम्बे हाई कोर्ट में जीत से राज कुंद्रा ने पलटा गेम -
Gold Rate Today: रामनवमी पर एक दिन में ₹4,900 उछला सोना,ये है आपके शहर में 22K-18K का ताजा रेट -
Petrol Diesel Crisis: भारत के पास कितने दिनों का पेट्रोल-डीजल और LPG? किसके पास सबसे ज्यादा और कहां खड़े हम?












Click it and Unblock the Notifications