Sangma vs Sangma: मेघालय विधानसभा में सीएम संगमा की विधायक पत्नी ने जब कर दिया सवाल, जानें पूरा मामला
Sangma vs Sangma: मेघालय विधानसभा में बुधवार को एक दुर्लभ और चर्चा-योग्य नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा और उनकी पत्नी, एनपीपी विधायक मेहताब चांदी ए संगमा, आमने-सामने बहस करते नजर आए। यह बहस राज्य में लंबित पशुधन शिक्षा परियोजनाओं की देरी और उनके प्रभाव पर केंद्रित थी, जिसने सदन में राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों ही स्तर पर उत्सुकता पैदा की।
पशुधन शिक्षा परियोजनाओं में देरी पर सवाल
विधायक मेहताब चांदी ए संगमा ने मुख्यमंत्री से उन प्रमुख परियोजनाओं में देरी पर जवाब मांगा, जिन्हें कैबिनेट ने तीन साल पहले मंजूरी दी थी। इनमें 2022 में स्वीकृत एक प्रस्तावित पशु चिकित्सा महाविद्यालय, दो मत्स्य महाविद्यालय और एक डेयरी महाविद्यालय शामिल हैं। उन्होंने राज्यभर के पशु चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्रों में कर्मचारियों की कमी को भी सदन में उठाया और इसे तत्काल समाधान योग्य बताया

मुख्यमंत्री संगमा ने बताया कि ये संस्थान राज्य के पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बनाए जा रहे हैं और कर्मचारियों की कमी को जल्द पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। डीपीआर तैयार करने में देरी की वजह उन्होंने भूमि पहचान और जनशक्ति आवश्यकताओं का आकलन बताया। प्रस्तावित पशु चिकित्सा महाविद्यालय के लिए री-भोई जिले के किरदेमकुलई में लगभग 800 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जिसकी अनुमानित लागत ₹334 करोड़ है और इसमें 19 विभाग स्थापित किए जाने की योजना है।
बहस ने ग्रामीण रोजगार और नीति मुद्दों को भी रौशन किया
इस बहस ने न केवल पशुधन शिक्षा की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया, बल्कि ग्रामीण रोजगार और राज्य की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था पर भी चर्चा को उजागर किया। साथ ही, विधानसभा में पति-पत्नी के आमने-सामने बहस का यह असामान्य दृश्य नीतिगत चर्चा में एक नया मानवीय और व्यक्तिगत आयाम जोड़ता है।












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