'बेल का मतलब APSSDC केस में क्लीन चिट नहीं', TDP चीफ चंद्रबाबू की अंतरिम जमानत पर बोले सज्जला रेड्डी
आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (APSSDC) मामले में गिरफ्तार टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को जमानत मिलने के बाद टीडीपी पर वाईएसआरसी ने निशाना साधा है। वाईएसआरसी महासचिव सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने कहा है कि अंतरिम जमानत को नियमित जमानत में बदलकर ये बिल्कुल भी नहीं समझना चाहिए टीडीपी चीफ निर्दोष हैं। टीडीपी प्रमुख की जमानत पर जश्न मनाने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि एनसी नायडू को अभी क्लीन चिट नहीं मिल गई।
एपीएसएसडीसी घोटाला मामले में कथित संलिप्तता के आरोपों का समाना कर रहे टीडीपी चीफ एन चंद्रबाबू नायडू की अंतरिमत जमानत को इस हफ्ते सोमवार (20 नवंबर) को कोर्ट ने जमानत में बदल दिया। टीडीपी चीफ को बेल मिलने ने पार्टी कार्यकर्ता और नेता इसे बड़ी सफलता मान रहे हैं। वहीं वाईएसआरसी मुख्यालय में पर सज्जला ने कहा कि पूर्व सीएम को अभी क्लीन चिट नहीं मिली है।

सज्जला ने मीडिया से बातचीत में कहा, "केवल अंतरिम जमानत को नियमित जमानत में बदलने का मतलब यह नहीं है कि सच्चाई की जीत हुई है और टीडीपी में कोई दम नहीं है। इसका जश्न मना रहे हैं। जमानत का मतलब यह नहीं है कि नायडू को एपीएसएसडीसी मामले में क्लीन चिट दे दी गई है।"
उन्होंने आगे कहा, "टीडीपी के शासन से बदला लेने के दावों का वाईएसआरसी सबूतों के साथ विरोध कर रही है, लेकिन विपक्ष अपने झूठे प्रचार में लगातार लगा हुआ है।"
टीडीपी पर हमला बोलते हुए सज्जला ने कहा कि एनसी नायडू कौशल विकास घोटाले के सरगना थे और शेल कंपनियों के जरिए 241 करोड़ रुपये टीडीपी को दिए गए थे। फंड डायवर्जन का खुलासा नायडू को भेजे गए आईटी नोटिस में किया गया था।
आईटी नोटिस में क्या था?
एपीएसएसडीसी घोटाला मामले में आईटी की नोटिस का भी सज्जला ने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नायडू के पूर्व पीए श्रीनिवास, मनोज पारदासानी और किलारू राजेश की भूमिका संदिग्ध होने का जिक्र नोटिस में किया गया था। उन्होंने कहा की ऐसे में ये तीनों देश छोड़कर भाग गए थे। इसमें से एक अमेरिका और एक दुबई और तीसरा किलारू चला गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सभी चीजों के पीछे टीडीपी प्रमुख का हाथ है।












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