हंगामे के चलते राज्यसभा में नहीं बोल पाए सचिन तेंदुलकर, राज्यसभा स्थगित
सांसद तेंदुलकर ने 'खेलने का अधिकार' और 'देश में खेल का भविष्य' पर बहस के लिए अपना नोटिस सौंपा है।
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नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर राज्यसभा में विपक्ष के जबर्दस्त विरोध की वजह से नहीं बोल पाए। सचिन करीब दस मिनट तक राज्यसभा में बोलने के लिए खड़े रहे इस दौरान विपक्षी दलों का विरोध जारी रहा। जिसके बाद सभापति ने शुक्रवार तक के लिए राज्ससभा स्थगित कर दिया। सांसद तेंदुलकर ने 'खेलने का अधिकार' और 'देश में खेल का भविष्य' पर बहस के लिए अपना नोटिस सौंपा था।

2012 में सांसद मनोनीत होने के बाद सचिन की राज्यसभा में ये पहला भाषण था। सचिन अपने भाषण की शुरुआत करने ही वाले थे कि विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष लगातार मनमोहन सिंह के मुद्दे पर हंगामा कर रहा है। सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी अंजलि के साथ राज्यसभा पहुंचे थे। विपक्ष के हंगामे के बीच राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने लगातार विपक्ष से अपील की, जो व्यक्ति बोल रहा है वह भारत रत्न है, इसे पूरा देश देख रहा है। प्लीज़ शांत हो जाइए।
सांसद बनने के बाद से ही तेंदुलकर संसद की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेने के लिए कई बार आलोचना झेल चुके हैं। सांसद तेंदुलकर ने 'खेलने का अधिकार' और 'देश में खेल का भविष्य' पर बहस के लिए अपना नोटिस सौंपा था। अप्रैल 2012 में तेंदुलकर को सांसद चुना गया था। ये पहला मौका था, जब तेंदुलकर किसी मुद्दे पर बहस में शामिल होने वाले थे। तेंदुलकर के नोटिस के मुताबिक वो चाहते हैं कि एजुकेशन सिस्टम में कानूनी तौर पर खेल को शामिल किया जाए।












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