Sabarimala Gold Theft Case में SIT करेगी मनी ट्रेल की जांच, कोर्ट ने मुख्य आरोपी से पूछा-सोने कहां गया?
Sabarimala Gold Theft Case: केरल के प्रसिद्ध सबरीमला मंदिर से जुड़े सोना चोरी मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल केस के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोत्ती (Unnikrishnan Potti) को अदालत ने 30 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
शुक्रवार, 17 अक्टूबर को उन्हें तिरुवनंतपुरम क्राइम ब्रांच कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें पथानमथिट्टा जिले के रानी फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ इन-कैमरा (गोपनीय) सुनवाई के बाद यह फैसला लिया गया।

दस घंटे की पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के मुताबिक, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने पोत्ती से करीब दस घंटे तक पूछताछ की। देर रात लगभग 2:30 बजे (शुक्रवार तड़के) उनकी औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई। गिरफ्तारी से पहले पोत्ती का तिरुवनंतपुरम जनरल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया था।
यह गिरफ्तारी कोर्ट की निगरानी में चल रही SIT जांच के पांचवें दिन हुई है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में पोत्ती से चोरी से जुड़ी कई अहम जानकारियाँ मिली हैं, जिन्हें SIT आगे की जांच में खंगाल रही है।
क्या है सबरीमला सोना चोरी केस?
यह मामला सबरीमला मंदिर के गरभगृह (संक्तम) के लकड़ी के पैनलों और द्वारपालक (डोर गार्डियन) मूर्तियों पर लगी सोने की परत की चोरी से जुड़ा है। मंदिर की इन मूर्तियों और सजावट पर सोने की परत चढ़ाई गई थी, जो मंदिर के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों के दौरान गायब हो गई।
चोरी का खुलासा तब हुआ जब मंदिर प्रशासन को सोने की मात्रा में भारी अंतर मिला। इसके बाद त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (Travancore Devaswom Board) ने जांच के आदेश दिए, और मामला तेजी से बढ़ते हुए SIT के हाथों में चला गया।
गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को पोत्ती को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रानी (Pathanamthitta) फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। अदालत में पेशी इन-कैमरा (गोपनीय) तरीके से हुई, यानी सुनवाई के दौरान मीडिया या आम जनता को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
अदालत ने SIT की हिरासत की मांग को स्वीकार करते हुए आरोपी को 30 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान उनसे चोरी के पूरे नेटवर्क, सोने की रिकवरी और सहयोगियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
SIT की जांच में कई अहम खुलासे की उम्मीद
SIT सूत्रों के मुताबिक, उन्नीकृष्णन पोत्ती मंदिर प्रशासन से जुड़ा एक जिम्मेदार पदाधिकारी था, जिसे सोने की परत चढ़ाने और मरम्मत कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी दौरान चोरी की आशंका जताई जा रही है।
जांच टीम को शक है कि सोने की परत को निकालकर गलाया गया और फिर उसे अन्य माध्यमों से बेचा गया। SIT अब उन सभी ठेकेदारों और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है, जो उस समय मंदिर में काम पर लगे थे।
मंदिर प्रशासन ने क्या कहा?
त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड ने कहा है कि वह SIT की जांच में पूरा सहयोग करेगा। बोर्ड के अध्यक्ष ने मीडिया से कहा, यह मंदिर की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला है। दोषी कोई भी हो, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। वहीं, केरल सरकार ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राज्य के देवस्वम मंत्री ने कहा, "सबरीमला मंदिर करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। इस तरह की चोरी न केवल अपराध है बल्कि धार्मिक भावनाओं का अपमान भी है। सरकार जांच में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेगी।"
SIT आने वाले दिनों में पोत्ती के फोन रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और संपत्ति की जांच करेगी। टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह चोरी किसी संगठित गिरोह का हिस्सा थी, या फिर यह अंदरूनी मिलीभगत का मामला है। जांच अधिकारी ने बताया कि,अब तक मिले सबूतों से यह स्पष्ट है कि चोरी योजना बनाकर की गई थी। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ होंगी। सबरीमला गोल्ड चोरी केस सिर्फ एक चोरी का मामला नहीं, बल्कि यह विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल की पवित्रता और विश्वसनीयता पर उठे सवालों का प्रतीक बन गया है।












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