'रूस- यूक्रेन संघर्ष में दुनिया को पता चली भारत की अहमियत, LAC पर चीन को चेतावनी': Army चीफ
नई दिल्ली, 1 मई। भारतीय थल सेना (Indian Army) ने कहा है कि दुश्मन सेना की सेना की ओर से की गई हर नापाक हरकत का भारतीय सेना जवाब दे रही है। सेना की ओर से एलएसी (LAC) पर स्तिथि को लेकर भी अहम बातें कहीं है। भारत के नए थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने पद संभालने के बाद कई अहम बातें कही हैं।

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थलसेना के 29वें प्रमुख बनने के बाद रविवार को जनरल मनोज पांडे ने नेशनल वॉर मेमोरियल गए। जहां उन्होंने वीरगति प्राप्त सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्हें साउथ ब्लॉक स्थित लॉन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जिसके बाद जनरल पांडे ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ' यह ये लिए बेहद गर्व और सम्मान की बात है कि मुझे भारतीय थल सेना के नेतृत्व का दायित्व सौंपा गया है। इसे मैं पूरी विनम्रता से स्वीकार करता हूं' और भगवान से प्रार्थना करता हूं कि अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से निभा सकूं। जनरल ने कहा कि भारतीय थल लेना ने स्वतंत्रता, स्वाधीनताऔर समानता के मूल्यों को संरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
LOC और LAC पर बातचीत जारी
नव नियुक्त थल सेना प्रमुख ने कहा कि LAC पर स्थिति अभी सामान्य है। थल सेना चीफ ने कहा कि मनोज पांडे ने कहा कि LAC पर अभी स्थिति सामान्य है। हलांकि वहां कुछ उकसाने वाली कार्रवाई की गई जिसका पर्याप्त जवाब दिया जा चुका है। वहीं भारत और चीन के बीच बातचीत की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें सफलता मिलने की उम्मीद है।
रूस- यूक्रेन युद्ध ने दुनिया को बताई भारत की अहमियत
थल सेना चीफ ने रूस और यूक्रेन के बीच चल युद्ध को लेकर कहा कि भारत ने यह दिखा दिया है कि भारत कितना प्रासंगिक है। जनरल ने कहा फिर भी हमें पारंपरिक युद्ध लड़ने के लिए अपनी क्षमता विकास पर ध्यान देना जारी रखना होगा। नियंत्रण रेखा (LOC) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के बारे में बात करते हुए नए सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि दोनों पक्षों की स्थिति सामान्य है। भारत ने चीन को स्पष्ट कर दिया है कि वह एलएसी पर यथास्थिति में किसी भी बदलाव की अनुमति नहीं देगा। जबकि एलओसी के भीतरी इलाकों में आतंकवादी गतिविधियों के कम होने का कोई संकेत नहीं है। वहीं जनरल पांडे ने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष ने युद्ध के साधनों, जैसे सूचना और साइबर युद्ध के महत्व को सामने ला दिया है। भविष्य के संघर्ष के लिए खुद को तैयार करते हुए हमें अपनी क्षमताओं का निर्माण करने की जरूरत है।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
थल सेना चीफ ने कहा कि हमें अपनी स्वदेशी हथियार प्रणालियों और उपकरणों पर भरोसा करने और उस क्षमता को विकसित करने की आवश्यकता है। उस हद तक, हम आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया पहल के साथ गठबंधन कर रहे हैं।
सेना के कई अहम जिम्मेदारियों संभल चुके हैं जनरल पांडे
थल सेना के चीफ बनने से पहले जनरल पांडे ने देश की पहली ट्राई-सर्विस (थलसेना, वायुसेना और नौसेना की एकीकृत) की कमान अंडमान निकोबार कमान के कमांडिंग इन चीफ के तौर पर संभाल चुके हैं। वे कोलकता स्थित फोर्ट विलियम्स यानि पूर्वी कमान की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसी साल फरवरी के महीने में उन्हें साऊथ ब्लॉक स्थित सेना मुख्यालय में सह-सेना प्रमुख का पद सौंपा गया था। इसके साथ ही यह लगभग तय हो गया था कि अगले थल सेना प्रमुख मनोज पांडे होंगे।












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