मणिपुर हिंसा खत्म करने के लिए RSS का आह्वान, कहा- बातचीत ही एकमात्र विकल्प
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच आरएसएस की ओर से कहा गया है कि लोकतंत्र में हिंसा और नफरत की कोई जगह नहीं हो सकती है। हिंसा को रोकने का एकमात्र विकल्प संवाद है।
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ ने हिंसा को खत्म करने के लिए बातचीय का आह्वान किया है। संघ की ओर से कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी तरह की हिंसा और नफरत की जगह नहीं हो सकती है।
संघ ने कहा कि केंद्र सरकार और कानून को लागू करने वाली संस्थाओं को तत्काल शांति बहाली के लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए।

संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने मणिपुर में जारी हिंसा को पीड़ादायक और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि संघ का मानना है कि हर समस्या का समाधान शांतिपूर्ण माहौल में भाईचारे के माहौल में आपसी संवाद से हो सकता है।
बता दें कि मणिपुर में पिछले महीन 3 मई को भड़की हिंसा के बाद अभी तक 106 लोगों की मौत हो चुकी है। जिस तरह से कोर्ट ने मैतेई समुदाय को एसटी कैटेगरी में शामिल किए जाने को कहा उसके बाद कूकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसा भड़क गई है।
भारतीय जनता पार्टी जोकि केंद्र और राज्य दोनों जगह सत्ता में है, उसकी ओर से इस पूरे मसले पर चुप्पी बनी हुई है। आरएसएस ने कहा कि लोगों में भरोसे की कमी को जल्द से जल्द खत्म करने की जरूरत है।
होसबोले ने कहा कि समुदायों के बीच एक बार फिर से सहयोग को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि मौजूदा संकट को खत्म किया जा सके। ऐसा तभी हो सकता है जब लोगों में असुरक्षा की भावना खत्म हो, मैतेई और कुकी की सही मांगों पर एक साथ चर्चा की जाए।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह जिन्होंने हाल ही में मणिपुर का दौरा किया था, उन्होंने यहां पर 9 बैठके की थीं। मैतेई और कुकी दोनों ही समुदाय के लोगों के साथ अमित शाह ने बैठक की थी ताकि शांति को बहाल किया जा सके, लेकिन अभी तक इससे कोई हल निकलता नहीं दिखाई दे रहा है।












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