ICJ में पहला राउंड जीतने के बाद अब भारत दूसरे राउंड के लिए हो रहा तैयार!
गुरुवार को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने कुलभूषण जाधव पर दिया है पाकिस्तान को अंतरिम फैसला। अब अगस्त में इस मामले में आएगा अंतिम और निर्णायक फैसला।
नई दिल्ली। गुरुवार को पाकिस्तान को उस समय करारी कूटनीतिक हार का सामना करना पड़ा जब इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव पर अपना फैसला सुनाया। आईसीजे में यह राउंड वन था जिसमें भारत को जीत हासिल हुई है और अब भारत इस युद्ध के दूसरे दौर के लिए तैयारी करेगा।

काफी नाजुक होगी ICJ में अगली सुनवाई
गुरुवार को आईसीजे ने पाकिस्तान को साफ-साफ कह दिया कि जब तक मामले में अंतिम फैसला नहीं आता तब तक जाधव को फांसी नहीं होनी चाहिए। अगस्त में जाधव के केस में आईसीजे अंतिम फैसला सुना सकता है। भारत ने अपने तर्कों से पाकिस्तान को पहले दौर में चारों खाने चित्त कर दिया। भारत के लिए अब दूसरा दौर काफी नाजुक होने वाला है। जाधव को इंसाफ दिलाने के लिए भारत ने सबसे पहले आईसीजे की शरण ली थी। भारत की ओर जाधव की पैरवी कर रहे हरीश साल्वे के मुताबिक यह केस सिर्फ जाधव को निर्दोष साबित करने के लिए नहीं होगा। आईसीजे में भारत सिर्फ यह बहस कर सकता है कि पाकिस्तान की ओर से जाधव को जो मौत की सजा सुनाई गई है वह विएना संधि के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
भारत करेगा जाधव की रिहाई की मांग
आईसीजे में भारत इस बात की बहस करेगा कि पाकिस्तान ने मानवाधिकारों का भी उल्लंघन किया है। ऐसे में कुलभूषण जाधव को तुरंत आजाद करना चाहिए। भारत के पास अगला विकल्प होगा जाधव की मौत की सजा को खत्म कराना। भारत यह चाहेगा कि जाधव को ठीक तरह से वकील दिया जाए। मिलिट्री कोर्ट में जाधव का ट्रायल हरगिज भारत को मान्य नहीं होगा। इसकी जगह भारत चाहेगा कि जाधव का सही प्रतिनिधित्व के साथ सिविल कोर्ट में ट्रायल किया जाए। आईसीजे के 11 जजों ने जाधव की मौत की सजा पर फैसला दिया है। जज रॉनी अब्राहम ने फैसला सुनाते समय साफ कर दिया कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही विएना संधि के पक्ष हैं। आईसीजे ने इस बात का जिक्र भी कि भारत ने कई बार जाधव को काउंसलर मुहैया कराने के लिए अनुरोध किया।
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