नितिन गडकरी ने बताया-2020 में कोरोना से ज्यादा सड़क हादसों में मारे गए लोग
नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ रही सड़क हादसों की संख्या को लेकर केंद्र सरकार चिंतित है। सरकार सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। गुरुवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि देश में अब तक कोरोना से जितने लोगों की मौत नहीं हुई है। उससे ज्यादा मौते हर साल लगभग डेढ़ लाख मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं।

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लोकसभा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार सड़क दुर्घटनाओं से बहुत चिंतित है और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सभी कदम उठाने होंगे। देश में अब तक कोरोना से जितने लोगों की मौत नहीं हुई है। उससे ज्यादा मौते हर साल लगभग डेढ़ लाख मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई है, उन्होंने संसद सदस्यों से अपने संसदीय क्षेत्रों को 'जीरो एक्सीडेंट' जिले के तौर विकसित करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
नितिन गडकरी ने कहा कि, हमारी सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए गंभीर है। पिछले एक साल में 1.5 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए, जोकि कोविड से हुई 1.46 लाख मौतों से अधिक है।'' मंत्री ने यह भी कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए अधिकतर लोग 18-35 वर्ष के थे। वर्ल्ड बैंक की एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया में सबसे अधिक सड़क हादसे भारत में होते हैं। यहां हर साल 4.5 लाख सड़क हादसों में 1.5 लाख लोग मारे जाते हैं और 4.5 लाख लोग घायल होते हैं। इससे जीडीपी को 3.14 फीसदी का नुकसान होता है।
नितिन गडकरी ने आगे कहा कि, फास्ट टैग पूरी तरह लागू करके एक साल में टोल लेने की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि अब गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा, जिसकी मदद से टोल शुल्क का भुगतान हो सकेगा और इसके बाद शहर के अंदर इस तरह के टोल की जरूरत नहीं होगी। गड़करी ने कहा, पिछली सरकारों के दौरान कई स्थानों पर शहरी इलाकों के भीतर टोल बनाए गए जो 'गलत और अन्यायपूर्ण'हैं और इन्हें हटाने का कार्य एक साल में पूरा हो जाएगा।












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