पीएम मोदी के मोर वाले वीडियो पर सवाल, राजद ने दिलाई लालू प्रकरण की याद

पीएम मोदी का मोरों को दाना खिलाते हुए वीडियो पर विवाद उठना शुरू हो गया है। पीएम के मोर प्रकरण पर राजद नेताओं ने लालू प्रकरण की याद दिलाते हुए सवाल उठाए हैं। जदयू से निकाले जाने के बाद राजद में शामिल होने वाले पूर्व मंत्री श्याम रजक ने पीएम आवास में मोरों पर सवाल उठाया। रजक ने कहा कि मुझे याद कि जब तीन साल पहले लालूजी के सरकारी आवास में दो मोर लाए गए थे। तब बीजेपी नेताओं ने वन्य जीव अधिनियम 1972 के तहत लालूजी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी क्योंकि मोर एक संरक्षित पक्षी है और इसे पालतू के रूप में नहीं रखा जा सकता।'

Narendra Modi

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      रजक ने कहा कि इस एक्ट को भारतीय संसद में पारित किया गया था और ये सबका कर्तव्य है खासतौर पर पीएम का, कि इसका पालन सुनिश्चित किया जाय।

      वहीं राजद सांसद मनोझ झा ने कहा कि 'मुझे ये तस्वीरें बहुत गलत लगीं। हमारी अर्थव्यवस्था बदहाल स्थिति में है। कोविड 19 से हजार से अधिक लोग मर चुके हैं और रोजाना लगभग 70 हजार पॉजिटिव केस मिल रहे हैं। ऐसे समय में हमारे पीएम इस तरह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। ये उसी तरह है जैसे रोम का सम्राट लोगों के दुखों पर हंस रहा हो।'

      क्या था लालू यादव का मामला ?
      2017 में जब महागठबंधन की सरकार थी उस समय लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के पास राज्य का वन एवं पर्यावरण विभाग का जिम्मा था। इसी दौरान राज्य के वन विभाग के अधिकारियों ने दो मोरों का जोड़ा लालू यादव के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड पटना में छोड़ा था। राजद के सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि लालू यादव को किसी बाबा ने मोर पालने की सलाह दी है।

      इसे लेकर बीजेपी नेताओं ने लालू यादव को घेरना शुरू कर दिया और वन्य जीव अधिनियम के तहत लालू यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वन विभाग के अधिकारियों ने इस कदम का ये कहते हुए बचाव किया कि उनकी योजना है कि न्यू पटना इलाके में जहां मुख्यमंत्री, मंत्रियों और राज्यपाल के आवास हैं, 100 से अधिक मोरों को छोड़ने की योजना है। इसके लिए पर्यावरण का भी हवाला दिया गया क्योंकि मोर कीड़ों को खाते हैं। हालांकि बवाल बढ़ता देख दो दिन बाद लालू यादव ने पत्रकारों को बताया कि जो मोर लाए गए थे वे उड़ गए हैं।

      बीजेपी ने दी सफाई
      उधर राजद की तरफ से सवाल उठाए जाने पर बैकफुट पर आई बीजेपी ने कहा है कि 'लालू यादव और पीएम मोदी के मामले अलग-अलग हैं। राज्य बीजेपी की प्रवक्ता रजनी रंजन पटेल ने कहा कि लालूजी ने मोरों को कैद कर रखा था जबकि पीएम मोदी के पास जो मोर हैं वो बड़े कैम्पस में खुली तरह से घूमते हैं। मोर मोदी जी से लगाव रखते हैं और उनके पास चले आते हैं क्योंकि प्रधानमंत्री को प्रकृति से प्रेम है।'

      इसके साथ ही दिल्ली के विभिन्न इलाकों, जैसे जेएनयू का जिक्र किया जहां मोर खुलेआम घूमते देखे जा सकते हैं।

      ये भी पढ़ें- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर मोर के साथ साझा किया खास वीडियो

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