ओडिशा: ग्रामीण जनजातीय आबादी को रेशम सूता बना रहा सशक्त, महिलाएं बदल रहीं अपनी किस्मत
नई दिल्ली स्थित मुख्यालय रेशम सुता विलग्रो इनोवेशन फाउंडेशन और ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे 'पावरिंग लाइवलीहुड' कार्यक्रम का एक हिस्सा है।
नई दिल्ली, 22 जून : नई दिल्ली स्थित मुख्यालय रेशम सुता विलग्रो इनोवेशन फाउंडेशन और ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे 'पावरिंग लाइवलीहुड' कार्यक्रम का एक हिस्सा है। यह एक सामाजिक उद्यम है जो नवीकरणीय ऊर्जा आधारित ग्रामीण आजीविका सक्षम मशीनों का नवाचार, निर्माण और आपूर्ति करता है। हालांकि रेशम सूत का प्रधान कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है। उद्यम ने रांची में स्थित अपना समर्पित 'एग्री-सिल्क डिवीजन' स्थापित किया है और भारत के विभिन्न राज्यों में काम कर रहे 40 से अधिक ऑन-ग्राउंड तकनीशियन हैं।

रेशम सूत का मिशन और दृष्टिकोण भारत के ग्रामीण उद्यमियों को नेटवर्क और प्रौद्योगिकी की सहायता से विभिन्न प्रकार के रेशम और हथकरघा उत्पादों का लाभप्रद उत्पादन करने में सक्षम बनाना है। इसके अलावा गरीबी को कम करने के लिए उद्यम ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के सृजन की सुविधा प्रदान करता है। ग्रामीण आबादी में विशेष रूप से महिलाओं को रीलिंग, कताई और बुनाई में स्वरोजगार के अवसरों के माध्यम से सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है। रेशम सूत देश के कुछ सबसे गरीब क्षेत्रों में ग्रामीण लाभार्थियों के साथ और उनके लिए अपनी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।












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