'OBC, SC-ST को ही दी गईं आरक्षित सीटें, बचीं तो कैरी फॉरवर्ड...', योगी सरकार का अनुप्रिया पटेल को जवाब
एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण कोटे से होने वाली नियुक्तियों पर पारदर्शी प्रक्रिया पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सवाल उठाए। योगी सरकार की अनुप्रिया पटेल ने एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने आरक्षित कोटे के पदों को अनारक्षित कैडिडेट्स से भरे जाने का आरोप लगाया। वहीं अब मंत्री के पत्र का योगी सरकार ने जवाब दिया है।
यूपी सरकार के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग की ओर भेजे गए जवाब में मंत्री अनुप्रिया पटेल को बताया गया कि चयन प्रक्रिया के बाद रिक्त रह जाने वाले पदों को आरक्षित कोटे के पदों को अनारक्षित पदों में परिवर्तित नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें अगली भर्ती प्रक्रिया के लिए कैरी फॉरवर्ड कर दिया जाता है।

दरअसल, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने योगी सरकार को भेजे गए एक पत्र में सरकारी भर्ती प्रक्रिया में एससी, एसटी और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीटों को अनारक्षित करने की प्रथा को समाप्त करने का आग्रह किया था। जिसको लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने जवाब दिया है। इसको लेकर सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री एक विस्तृत विवरण भी भेजा गया है।
मंत्री के पत्र के जवाब में नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि सरकारी संस्थाओं से प्राप्त ऐसी रिपोर्टों का हवाला दिया है, जहां सीधे साक्षात्कार के माध्यम से नियुक्तियां की जाती हैं। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यूपी सरकार ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि साक्षात्कार प्रक्रिया में कोडिंग का उपयोग किया जाता है जिसके आधार पर उम्मीदवारों का नाम, आरक्षण, श्रेणी और आयु अज्ञात रहती है और ऐसी व्यक्तिगत जानकारी साक्षात्कार के लिए उपलब्ध नहीं कराई जाती है।
अनुप्रिया को लिखे गए पत्र में यूपी सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने कहा है किसी भी परिस्थिति में आरक्षित श्रेणी के पदों को अनारक्षित में परिवर्तित नहीं किया जाता।












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