Republic Day Parade: इस बार 'प्रलय' का बेसब्री से इंतजार, इसकी ताकत से दुश्मन देश भी खबरदार!
Republic Day Parade Missile Pralay: भारत की सैन्य ताकत और इसकी मारक क्षमता की प्रदर्शनी गणतंत्र दिवस परेड में होती है। इस साल 'प्रलय' (Pralay) मिसाइल को भी परेड में लगातार दूसरी बार शामिल किया जाएगा। यह मिसाइल खास तौर पर चीन के साथ एलएसी (LAC) और पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा (LoC) पर रणनीतिक संतुलन बनाने के उद्देश्य से विकसित की गई है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की ओर से तैयार प्रलय मिसाइल भारत की पारंपरिक सैन्य क्षमता को एक नई ऊंचाई देती है। यह डिफेंस सेक्टर में भारत की आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक है। इसकी मारक क्षमता से चीन और पाकिस्तान भी बेचैन हैं।

मिसाइल प्रलय की खूबियों की बात करें, तो यह सतह से सतह पर मार करने वाली शॉर्ट-रेंज मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता 150 से 500 किलोमीटर तक है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका क्वासी-बैलिस्टिक स्वरूप है। पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों से यह बिल्कुल अलग है। पारंपरिक मिसाइलें एक तय पैराबोलिक रास्ते पर उड़ती हैं, जिन्हें आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ट्रैक कर इंटरसेप्ट कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें: Republic Day Parade: परेड में LR-AASCM मिसाइल देख चीन-पाकिस्तान होंगे चौकन्ने, जोरदार है मारक क्षमता
Missile Pralay Features: बेजोड़ है मिसाइल प्रलय की ताकत
- प्रलय मिसाइल उड़ान के दौरान अपनी ऊंचाई और दिशा बदल सकती है। इसे रोक पाना दुश्मन के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है।
- रफ्तार और सटीकता की बात करें, तो यह मिसाइल बेहद घातक साबित हो सकती है। यह अपने अंतिम चरण में मैक-6 यानी लगभग 7,400 किलोमीटर प्रति घंटे की हाइपरसोनिक गति हासिल कर सकती है।
- इसकी सटीकता इतनी अधिक है कि इसका सर्कुलर एरर प्रॉबेबल (CEP) 10 मीटर से भी कम बताया जाता है। इसका मतलब है कि यह मिसाइल बेहद सटीक तरीके से अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।
Republic Day Parade: पिछले साल भी नजर आई थी प्रलय
प्रलय मिसाइल को पिछले साल भी परेड में शामिल किया गया था। प्रलय 500 से 1000 किलोग्राम तक के पारंपरिक हथियार ले जा सकने में सक्षम है। इसमें हाई एक्सप्लोसिव प्री-फ्रैगमेंटेड (HEPF) और पेनिट्रेशन-कम-ब्लास्ट (PCB) जैसे वॉरहेड शामिल हैं। इन्हें खास तौर पर दुश्मन के बंकरों, रडार स्टेशनों, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स और एयरबेस जैसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। प्रलय मिसाइल को मोबाइल लॉन्चर के जरिए दागा जाता है।
Missile Pralaya में युद्ध क्षेत्र को बदलने की क्षमता
प्रलय मिसाइल युद्ध क्षेत्र को भी बदलने की क्षमता से लैस है। 8x8 बीईएमएल टाटा वाहन पर आधारित इसका लॉन्च प्लेटफॉर्म इसे युद्ध क्षेत्र में तेजी से तैनात करने और स्थान बदलने की क्षमता देता है। इसकी सर्वाइवल और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ जाती है। रणनीतिक रूप से प्रलय मिसाइल की तुलना रूस की इस्कंदर-एम मिसाइल से की जाती है। यह भारत की 'नो फर्स्ट यूज' (NFU) परमाणु नीति के दायरे से बाहर है। इसे पूरी तरह से पारंपरिक युद्ध के लिए विकसित किया गया है। कुल मिलाकर, प्रलय मिसाइल भारत की सीमाओं पर एक मजबूत और भरोसेमंद रक्षा कवच के रूप में उभर रही है।












Click it and Unblock the Notifications