Republic Day: पहली बार आदिवासी महिला राष्ट्रपति को दी गई स्वदेशी गन से सलामी
पहली बार भारत में आदिवासी महिला राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लिया। उन्होंने स्वदेशी 21 बंदूकों की सलामी ली। 21 तोपों की सलामी 25पाउंडर बंदूकों की बजाए 105 एमएम आईएफजी स्वदेशी गन से दी जाएगी।

Republic Day: द्रौपदी मुर्मू देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं और पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं। किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए यह गौरव की बात है कि आदिवासी महिला देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचीं हैं। बतौर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल हुई हैं। ऐसा पहली बार जब भारत में किसी आदिवासी महिला राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस की परेड की सलामी ली है। यूं तो गणतंत्र दिवस पर परेड हर साल कुछ खास होती है लेकिन इस वर्ष यह कुछ ज्यादा ही खास है।
पहली बार भारत गणतंत्र दिवस के मौके पर पूरी तरह से मेड इन इंडिया हथियारों का प्रदर्शन करेगा। परेड में आत्मनिर्भर भारत का दम दिखा। पहली बार गणतंत्र दिवस के मौके पर 21 तोपों की सलामी 25 पाउंडर बंदूकों की बजाए 105 एमएम आईएफजी स्वदेशी गन से दी गई। दशकों से चली आ रही इस परंपरा को इस बार पीछे छोड़ा जा रहा है और पूरी तरह से स्वदेशी हथियारों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
इसके अलावा इस बार के गणतंत्र दिवस में एक और खास बात यह है कि नौसेना का आईएल 38 विमान आखिरी बार परेड में शामिल हो रहा है। इस समुद्र टोही विमान ने 46 साल तक नौसेना को अपनी सेवा दी है। लेकिन इस बार आखिरी बार इस विमान की झलक परेड में देखने को मिली। बता दें कि इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर मिस्र के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए हैं।
इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में मिस्र का 120 सदस्यीय दस्ता भी मार्चिंग परेड में शामिल हुआ। साथ ही पहली बार अग्निवीर भी परेड में शामिल हुए। गणतंत्र दिवस की परेड सुबह 10.30 बजे शुरू हूई। परेड विजय चौक से शुरू होकर कर्तव्य पथ, सुभाष चंद्र बोस गोलचक्कर, तिलक मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग से होते हुए लाल किले तक पहुंची।












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