जामिया हिंसा: दिल्ली पुलिस ने माना, प्रदर्शन के दौरान सेल्फ डिफेंस में की थी फायरिंग
नई दिल्ली। देश के कई इलाकों में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर प्रदर्शन जारी है। बीते दिसंबर में दिल्ली के जामिया में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था। प्रदर्शन में पुलिस पर आरोप लगा था कि पुलिस ने जामिया मिल्लिया के छात्रों के साथ मारपीट की और उन पर फायरिंग की थी। शुरूआत में तो दिल्ली पुलिस गोली चलाने के आरोप से इंकार करती रही लेकिन अब पुलिस ने गोली चलाने की बात स्वीकार की है। दिल्ली पुलिस ने स्वीकार किया है कि पुलिस ने प्रर्दशन को रोकने के लिए हवाई फायरिंग की थी।

दिल्ली पुलिस ने माना, प्रदर्शन के दौरान की थी फायरिंग
दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जामिया हिंसा के दौरान सामने आया वीडियो आतंरिक जांच में सही पाया गया है। वह वीडियो मथुरा रोड का ही है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि वीडियो में जो पुलिसकर्मी फायरिंग करते दिख रहे हैं वो अपने सेल्फ डिफेंस में हवाई फायरिंग कर रहे हैं, क्योंकि वहां बहुत ज्यादा पथराव हो रहा था और पुलिसकर्मी चारों तरफ से घिर गए थे। पुलिस ने बताया कि वह वीडियो 15 दिसंबर का है। इस फायरिंग की एंट्री पुलिस ने अपनी डीडी यानी डेली डायरी में भी की हुई है।

15 दिसंबर को हुआ थी हिंसा
गौरतलब है कि बीते साल 15 दिसंबर को दिल्ली के जामिया में सीएए और एनआरसी को लेकर विवाद बढ़ गया था। जिसके बाद इलाके में कई बसों को आग के हवाले कर दिया गया था। जामिया के छात्रों पर इस हिंसा के आरोप लगाते हुए पुलिस के लोग यूनिवर्सिटी का दरवाजा तोड़ कर अंदर घुसे और उन्होंने लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों के साथ मारपीट। मारपीट के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जामिया की कुलपति नजमा अख्तर इस मामले में दिल्ली पुलिस के अफसरों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा चुकी हैं।

दिल्ली पुलिस ने 11 युवकों को गिरफ्तार किया था
बवाल में दिल्ली पुलिस ने 11 युवकों को गिरफ्तार किया था। जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने आरोप लगाया था कि पुलिस की गोली से कुछ छात्र घायल हुए, जिसका इलाज सफदरजंग अस्पताल और होली फैमिली में किया गया। बता दें कि दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले 20 दिनों से नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहा है। राजधानी समेत देश के कई राज्यों में इस कानून को वापस लिए जाने को लेकर प्रदर्शन जारी है।












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