Renu Bhatia Resigns: हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया का इस्तीफा, नर्सों के विरोध के बाद छोड़ा पद
Renu Bhatia resigns Haryana Women Commission: हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने मंगलवार (9 जून) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब उनके एक बयान को लेकर राज्यभर में नर्सों का विरोध तेज हो गया था। सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ ने हड़ताल और धरना देकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विवाद कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में एक बच्ची के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न के मामले के बाद शुरू हुआ था। नर्सों का आरोप है कि रेणु भाटिया ने बिना जांच पूरी हुए उन्हें जिम्मेदार ठहरा दिया। बढ़ते दबाव और विरोध के बीच आखिरकार उन्होंने अपना पद छोड़ दिया।

Renu Bhatia nurses controversy: बयान से शुरू हुआ विवाद
कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी सरकारी अस्पताल में एक बच्ची के साथ कथित गलत काम का मामला सामने आया था। आरोप एक डॉक्टर पर लगा, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया। मामले की जांच के दौरान अस्पताल पहुंचीं रेणु भाटिया ने नर्सों से सवाल किया कि बच्ची को डॉक्टर के साथ अकेला क्यों छोड़ा गया। इसी दौरान उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिसे नर्सों ने अपमानजनक बताया। इसके बाद मामला तेजी से विवाद में बदल गया और विरोध शुरू हो गया।
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नर्सों ने खोला मोर्चा
रेणु भाटिया के बयान के बाद हरियाणा के कई सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ ने विरोध प्रदर्शन किया। नर्सों ने कामकाज छोड़कर धरना दिया और उनके इस्तीफे की मांग उठाई। नर्सिंग फेडरेशन ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र भेजकर कहा कि महिला आयोग की अध्यक्ष ने बिना किसी जांच के नर्सों पर गंभीर आरोप लगाए। फेडरेशन का कहना था कि इससे पूरे नर्सिंग समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचा है और कर्मचारियों का मनोबल भी प्रभावित हुआ है।
'माफी नहीं मांगूंगी' वाले बयान से बढ़ा तनाव
विरोध बढ़ने के बावजूद रेणु भाटिया ने साफ कहा था कि वह अपने बयान पर माफी नहीं मांगेंगी। उनके इस रुख से नर्सों में नाराजगी और बढ़ गई। दूसरी तरफ स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि सरकार इस मामले पर स्टाफ नर्स यूनियन से बातचीत करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि घटना बेहद शर्मनाक थी और जिम्मेदारी तय करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने मामले में संबंधित सीएमओ को भी पद से हटा दिया था।
इस्तीफे के बाद क्या बोलीं रेणु भाटिया?
अपने इस्तीफे में रेणु भाटिया ने कहा कि अगर भविष्य में उन्हें कोई नई जिम्मेदारी दी जाती है तो वह उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगी। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की। दूसरी ओर नर्स संगठनों ने उनके इस्तीफे को अपनी लड़ाई की जीत बताया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि हरियाणा सरकार महिला आयोग के नए अध्यक्ष की नियुक्ति कब करती है और इस पूरे विवाद पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।












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