Adani Group के अहमदाबाद मैराथन ने जीता दिल, 24,000 धावकों ने दौड़ लगाकर सशस्त्र बलों को किया दिल से सेल्यूट
Adani ahmedabad marathon: अहमदाबाद की सड़कों पर आज गजब का उत्साह देखने को मिला। 9वें अडानी अहमदाबाद मैराथन में 24,000 से ज़्यादा लोगों ने दौड़ लगाकर भारत के सशस्त्र बलों को दिल से सलामी दी। साबरमती रिवरफ्रंट स्पोर्ट्स पार्क की खुशनुमा फिज़ा में धावक हों या दर्शक-सबके लिए ये अनुभव यादगार बन गया।
अलग-अलग रेस कैटेगरी और 40 लाख रुपये से ज्यादा की प्राइज मनी ने इस पूरे इवेंट को बेहद रोमांचक बना दिया। शहर भर में मानो धीरज, जोश और एकता की लहर सी दौड़ पड़ी। #Run4OurSoldiers थीम के साथ, और हाल में हुए ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में, इस बार की मैराथन का महत्व और बढ़ गया।

रेस की शुरुआत भी काफी खास रही-प्रणव अडानी , एयर मार्शल नागेश कपूर, मेजर जनरल गौरव बग्गा, फिटनेस एंबेसडर मंदिरा बेदी, ओलंपिक मेडलिस्ट गगन नारंग, एक्ट्रेस और IOA की वाइस प्रेसीडेंट प्रीति झंगियानी, और डिजाइनर आकिब वानी ने हरी झंडी दिखाकर इसे शुरू किया। अदाणी स्पोर्ट्सलाइन के वरिष्ठ नेता भी मौके पर मौजूद थे, जिससे माहौल और भी जोशीला बन गया।
जबरदस्त जोश के साथ हुआ मैराथन का आगाज़
इस बार के अदाणी अहमदाबाद मैराथन में एक खास मेहमान भी नजर आईं-भारतीय क्रिकेटर और गुजरात जायंट्स की नई खिलाड़ी यास्तिका भाटिया। उनके साथ-साथ 4,000 से ज्यादा सैन्य जवान और पुलिस अधिकारी भी दौड़ में शामिल हुए। यह वाकई सशस्त्र बलों के लिए सम्मान और एकता का शानदार नज़ारा था।
शहर के नामचीन रास्तों से गुज़री दौड़
प्रतिभागियों ने फुल मैराथन, हाफ मैराथन, 10 किमी और 5 किमी की रेस में हिस्सा लिया। रूट भी काफी खास था-गांधी आश्रम, अटल ब्रिज और एलिस ब्रिज जैसे अहमदाबाद के प्रतिष्ठित स्थानों से होकर गुजरता हुआ।
इस बार की आधिकारिक मैराथन जर्सी भी सबका ध्यान खींच गई, जिसे मशहूर डिजाइनर आकिब वानी ने तैयार किया था।
40 लाख से ज़्यादा की पुरस्कार राशि
फुल मैराथन, हाफ मैराथन और 10K कैटेगरी में कुल 40 लाख रुपये से ज्यादा प्राइज मनी रखी गई। अलग-अलग आयु वर्ग और कैटेगरी में धावकों को सम्मानित किया गया। यह मैराथन एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) से मान्यता प्राप्त है और AIMS की वैश्विक सूची में भी शामिल है, जिससे इसकी प्रतिष्ठा और बढ़ जाती है।
खेल को बढ़ावा देने की सालों पुरानी पहल
अदाणी स्पोर्ट्सलाइन के लिए यह मैराथन सिर्फ दौड़ नहीं है, बल्कि भारत की खेल संस्कृति को मजबूत करने का मिशन है। 2017 में शुरू हुई यह पहल आज हजारों लोगों को एकजुट करने वाला मंच बन चुकी है और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की एक खूबसूरत परंपरा भी।
नेताओं और मेहमानों ने साझा की अपनी भावनाएँ
प्रणव अदाणी ने कहा कि 2017 से यह मैराथन अहमदाबाद की पहचान बन चुकी है और इस बार #Run4OurSoldiers का संदेश और भी ज्यादा गूंजा।
मेजर जनरल गौरव बग्गा ने इसे नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच मजबूत बंधन का प्रतीक बताया।
एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ दौड़ते देखना बेहद प्रेरणादायक है।
मंदिरा बेदी ने कार्यक्रम की ऊर्जा और शहर की बढ़ती खेल संस्कृति की बहुत तारीफ की।
मैराथन को सुरक्षित बनाने में कई संस्थाओं का योगदान
अदाणी स्पोर्ट्सलाइन ने अहमदाबाद नगर निगम, शहर पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, 108 इमरजेंसी सर्विस और KD अस्पताल का विशेष धन्यवाद दिया, जिनकी बदौलत पूरा आयोजन बेहद सुरक्षित और सुचारू रहा।
2025 के विजेताओं की लिस्ट डाले एक नज़र
फुल मैराथन
महिला वर्ग:
अश्विनी जाधव (02:56:49)
भारती (03:03:56)
ज्योति गावते (03:09:03)
पुरुष वर्ग:
निखिल सिंह (02:22:49)
सचिन पुजारी (02:29:14)
मोहम्मद साहिल अन्निगेरी (02:30:36)
हाफ मैराथन ओपन
महिला वर्ग:
फरीहन फिरदोस (01:03:48)
रत्न मेहता (01:39:10)
अदिति पांड्या (01:39:30)
पुरुष वर्ग:
धर्मेंद्र (01:31:31)
मुकेश कुमार (01:03:57)
शिवम सिंह तोमर (01:06:21)
10 किमी ओपन
महिला वर्ग:
नीता रानी (00:35:15)
अंजलि देवी (00:36:32)
अनुवा दास (00:43:56)
पुरुष वर्ग:
राजन यादव (00:30:05)
मुकेश कुमार (00:30:11)
सुनील कुमार (00:31:02)
डिफेंस फुल मैराथन
महिला वर्ग:
पूजा (03:10:16)
नूपुर जानू (03:35:42)
नेहा देवी (03:42:30)
पुरुष वर्ग:
मोहित कुमार शर्मा (02:27:14)
दिनेश सिंह (02:28:02)
नज़ीम पी (02:28:07)
डिफेंस हाफ मैराथन
महिला वर्ग:
खुशबू गुप्ता (01:25:07)
प्रीति चौधरी (01:29:00)
अन्नू यादव (01:29:54)
पुरुष वर्ग:
लवप्रीत सिंह (01:05:11)
शंकरलाल स्वामी (01:07:48)
जावेद (01:12:44)
डिफेंस 10 किमी
महिला वर्ग:
सोनम चौधरी (00:37:26)
पूजा (00:37:36)
आर वरलक्ष्मी (00:52:49)
पुरुष वर्ग:
कदम गोविंद (00:32:31)
सचिन के (00:32:33)
किशोर आर (00:32:47)
10वें वर्ष की ओर-नई उम्मीदें और नई ऊँचाइयाँ
अडानी अहमदाबाद मैराथन अब 2026 में अपने 10वें साल की ओर बढ़ रही है। हर साल की तरह यह आयोजन न सिर्फ खेल को बढ़ावा देता है बल्कि देश के बहादुर सैनिकों को सम्मान देने का एक बड़ा मंच भी बन चुका है।












Click it and Unblock the Notifications