अन्ना से मिलने से पहले अरविंद क्यों हुए बीमार?
केजरीवाल की तबियत बिगड़ने पर भी अब सवाल उठ रहे हैं। बुधवार को जंतर-मंतर के मंच से अरविंद केजरीवाल ने खुले आम कहा था कि वह आज रालेगढ़ जायेंगे, भले ही अन्ना हजारे ने किसी भी राजनैतिक दल को अपने मंच पर आने के लिए मना किया है, इसलिए वह अन्ना का साथ मंच से नहीं दर्शक दीर्घा से देंगे। भले ही अन्ना और वह अलग-अलग रास्ते पर हो लेकिन दोनों का मकसद एक है, दोनों ही भ्रष्टाचार मुक्त भारत चाहते हैं और दोनों ही अन्ना का जन लोकपाल बिल पारित करवाना चाहते हैं।
लेकिन सुबह केजरीवाल बीमार पड़ गये जिसको लेकर बहस होने लग गयी है। राजनैतिक जानकार इसे केजरीवाल के बहाने से जो़ड़ रहे हैं। उनका कहना है कि अन्ना-केजरीवाल के मतभेद सबके सामने हैं, ऐसे में आप पार्टी की जीत के बाद केजरीवाल का अन्ना हजारे से मिलने जाना अन्ना के आंदोलन को कमजोर करना होगा क्योंकि ऐसा एक बार फिर से हो जाता कि अन्ना अनशन पर होते और केजरीवाल सारा क्रेडिट ले जाते जिसे समझते हुए ही अन्ना के मौजूद सहयोगियों जैसे किरण बेदी ने अन्ना से कहा हो कि केजरीवाल का आना ठीक ना हो जिसकी वजह से केजरीवाल को आने से रोका गया हो जिसे कि अरविंद केजरीवाल ने अपनी बीमारी की शक्ल दे दी है।
फिलहाल अरविंद केजरीवाल की ओर से बयान आया है कि वह भले ही अन्ना के पास ना पहुंच पाये हो लेकिन उनका दिल अन्ना के पास ही है। केजरीवाल का यह बयान बताने के लिए काफी है कि वह अपने साथ अन्ना का हाथ चाहते हैं क्योंकि भले ही उन्होंने अपने दम पर दिल्ली में फतेह हासिल की हो लेकिन देश की लड़ाई जीतने के लिए उन्हें अन्ना का साथ चाहिए।
बुधवार को जंतर-मंतर से देश के आगामी लोकसभा चुनाव के बारे में बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने साफ कर दिया कि वह और उनकी पार्टी लोकसभा चुनावों की सारी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ऐसे में अभी अपने मतभेदों को देश के सामने लाना केजरीवाल के लिए मुसीबत बन सकता है इसलिए उनको आज बुखार चढ़ गया और वह रालेगढ़ नहीं जा रहे हैं।













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