Tollyganj में उलटफेर: मेसी विवाद वाले अरूप विश्वास को मिली हार, क्या जनता ने लिया फजीहत का बदला?
West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में टॉलीगंज के बेताज बादशाह कहे जाने वाले अरूप विश्वास का साम्राज्य ढह गया है। साल 2006 से लगातार जीत दर्ज करने वाले ममता बनर्जी के बेहद करीबी मंत्री अरूप विश्वास को टॉलीगंज विधानसभा सीट से 6 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा है। यह हार केवल एक चुनावी नतीजा नहीं, बल्कि अरूप विश्वास के उस सियासी रसूख का अंत है जो कभी एक तस्वीर की वजह से विवादों के घेरे में आ गया था।
मेसी विवाद से हुई थी फजीहत (West Bengal Assembly Election 2026)
अरूप विश्वास के जीवन में तस्वीरों के प्रति उनका लगाव जगजाहिर है, लेकिन यही प्रेम उनके लिए सबसे बड़ा संकट भी लेकर आया। साल 2011 में जब फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी अपनी टीम अर्जेंटीना के साथ कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में मैच खेलने आए थे, तब अरूप विश्वास बंगाल के खेल मंत्री थे। मैच के बाद मेसी के साथ तस्वीर खिंचवाने की होड़ में ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि राज्य सरकार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फजीहत हुई।

छीन लिया गया था खेल विभाग की जिम्मेदारी
इस फोटो कांड का शोर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कानों तक पहुंचा। नतीजा यह हुआ कि अरूप विश्वास को पत्र लिखकर अपने सबसे पसंदीदा खेल विभाग की जिम्मेदारी छोड़नी पड़ी। उस वक्त उन्हें खेल के बजाय अन्य मंत्रालयों से संतोष करना पड़ा था। अरूप विश्वास का राजनीतिक सफर किसी फिल्म की पटकथा जैसा रहा है। साल 1998 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थापना के साथ ही वे पार्टी में शामिल हो गए थे। उनकी तरक्की इतनी तेजी से हुई कि वे पार्षद से सीधे विधायक बन गए।
साल 2006 में चुनाव से महज 21 दिन पहले उन्हें टॉलीगंज से टिकट मिला था। उस कठिन समय में उन्होंने केवल 526 वोटों के बेहद मामूली अंतर से जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया था। तब से लेकर 2021 तक वे इस सीट पर अजेय रहे। पिछले दो दशकों से टॉलीगंज में अरूप विश्वास का सिक्का चलता था। टॉलीगंज फिल्म इंडस्ट्री (टॉलीवुड) पर उनका गहरा नियंत्रण माना जाता था। हालांकि, इस बार जनता का मिजाज बदला हुआ था। 6,000 से ज्यादा वोटों की यह हार यह संकेत देती है कि मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों और सत्ता विरोधी लहर को प्राथमिकता दी।












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