• search

मालवा और निमार इलाके में जीत से तय होगा, मध्य प्रदेश में किसकी बनेगी सरकार

By Vinod Kumar Shukla
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    भोपाल। मध्य प्रदेश में हो रहे विधासभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच इस बार काफी कड़ा मुकाबला हो रहा है। पूरे प्रदेश में ही दोनों पार्टियां मेहनत कर रही हैं लेकिन मालवा और निमार क्षेत्र में मुकाबला बेहद दिलचस्प है। माना जा रहा है कि जो इस इलाके में बढ़त बनाएगा, वो ही प्रदेश में भी सरकार बनाएगा। बीते चुनाव में इस इलाके की 66 सीटों में से 56 भाजपा के खाते में आई थीं और भाजपा की सरकार सूबे में बनी थी। इस क्षेत्र का महत्व ही है कि शिवराज सिंह चौहान, अमित शाह और राहुल गांधी ने यहीं से चुनाव प्रचार की शुरुआत की।

     भोपाल। मध्य प्रदेश में हो रहे विधासभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच इस बार काफी कड़ा मुकाबला हो रहा है। पूरे प्रदेश में ही दोनों पार्टियां मेहनत कर रही हैं लेकिन मालवा और निमार क्षेत्र में मुकाबला बेहद दिलचस्प है। माना जा रहा है कि जो इस इलाके में बढ़त बनाएगा, वो ही प्रदेश में भी सरकार बनाएगा। बीते चुनाव में इस इलाके की 66 सीटों में से 56 भाजपा के खाते में आई थीं और भाजपा की सरकार सूबे में बनी थी। इस क्षेत्र का महत्व ही है कि शिवराज सिंह चौहान, अमित शाह और राहुल गांधी ने यहीं से चुनाव प्रचार की शुरुआत की। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का मालवा इलाके में काफी प्रभाव माना जाता है, इस इलाके से कई बड़े नेता प्रदेश को मिले हैं। पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई ठाकरे, सुंदरलाल पटवा, कैलाश जोशी और वीरेंद्र सकलेचा यहीं से आते हैं। वही धार, झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम जैसे एरिया में कांग्रेस का प्रभाव है। ये वही इलाका है, जहां किसान आंदोलन शुरू हुआ और पुलिस की गोली से पांच किसानों की मौत हुई। यहां करीब 50 पाटादीर रहते हैं और गुजरात के पाटीदार लीडर हार्दिक पटेल भी इस क्षेत्र के लोगों के लगातार टच में हैं। यहां हार्दिक ने कई पाटीदारों को कांग्रेस से टिकट दिलाया है। 2003 में भाजपा ने 230 में से 173 सीट जीतकर यहां सरकार बनाई थी। तब भाजपा का वोट प्रतिशत 42.5 था। 2008 में भाजपा को 37.6 फीसदी वोट मिले तो वहीं 2013 में भाजपा को एक बार फिर 44.9 फीसदी वोट के साथ 165 सीटें मिली। वहीं कांग्रेस को 2003 में 31.6 तो 2013 में 36.4 फीसदी वोट मिले। भाजपा को चंबल, विन्ध्यप्रदेश, महाकौशल, मालवा में जीतती रही है। मालवा ट्राइबल की 28 और मालवा नॉर्थ की 68 सीटों पर लगातार भाजपा को कांग्रेस पर बढ़त मिलती रही है। महाकौशल में भी भाजपा की पकड़ है। चंबल और विन्ध्यप्रदेश में कांग्रेस की अच्छी पकड़ है। भाजपा इस रीजन की 50 सीटों में से 2008 में 27 तो 2013 में 45 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है। इसी का असर था कि पूरे प्रदेश में भाजपा को 208 के मुकाबले 22 सीटें ज्यादा मिलीं। 45 सीटों को बचाना इस बार भाजपा के लिए बड़ी चुनौती होगा। बेरोजगारी, पेट्रोल डीजल की कीमतें, किसानों का गुस्सा और एससी/एसटी एक्ट जैसे मुद्दे इस बार भाजपा के सामने हैं।

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का मालवा इलाके में काफी प्रभाव माना जाता है, इस इलाके से कई बड़े नेता प्रदेश को मिले हैं। पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई ठाकरे, सुंदरलाल पटवा, कैलाश जोशी और वीरेंद्र सकलेचा यहीं से आते हैं। वही धार, झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम जैसे एरिया में कांग्रेस का प्रभाव है।

    टॉयलेट में यूज्ड पैड देख टीचर्स ने चैक किए छात्राओं के अंडरगारमेंट्स

    ये वही इलाका है, जहां किसान आंदोलन शुरू हुआ और पुलिस की गोली से पांच किसानों की मौत हुई। यहां करीब 50 पाटादीर रहते हैं और गुजरात के पाटीदार लीडर हार्दिक पटेल भी इस क्षेत्र के लोगों के लगातार टच में हैं। यहां हार्दिक ने कई पाटीदारों को कांग्रेस से टिकट दिलाया है।

    2003 में भाजपा ने 230 में से 173 सीट जीतकर यहां सरकार बनाई थी। तब भाजपा का वोट प्रतिशत 42.5 था। 2008 में भाजपा को 37.6 फीसदी वोट मिले तो वहीं 2013 में भाजपा को एक बार फिर 44.9 फीसदी वोट के साथ 165 सीटें मिली। वहीं कांग्रेस को 2003 में 31.6 तो 2013 में 36.4 फीसदी वोट मिले।

    इंदौर: उत्पीड़न से तंग आकर 12 वीं की छात्रा ने लगाई फांसी, सुसाइट नोट में बताई पड़ोसी की करतूत

    भाजपा को चंबल, विन्ध्यप्रदेश, महाकौशल, मालवा में जीतती रही है। मालवा ट्राइबल की 28 और मालवा नॉर्थ की 68 सीटों पर लगातार भाजपा को कांग्रेस पर बढ़त मिलती रही है। महाकौशल में भी भाजपा की पकड़ है। चंबल और विन्ध्यप्रदेश में कांग्रेस की अच्छी पकड़ है।

    भाजपा इस रीजन की 50 सीटों में से 2008 में 27 तो 2013 में 45 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है। इसी का असर था कि पूरे प्रदेश में भाजपा को 208 के मुकाबले 22 सीटें ज्यादा मिलीं। 45 सीटों को बचाना इस बार भाजपा के लिए बड़ी चुनौती होगा। बेरोजगारी, पेट्रोल डीजल की कीमतें, किसानों का गुस्सा और एससी/एसटी एक्ट जैसे मुद्दे इस बार भाजपा के सामने हैं।

    बातों-बातों में करण ने खोल दिया राज, कब शादी करने जा रहे हैं अर्जुन-मलाइका

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    real battle for Madhya Pradesh Assembly to be fought in Malwa Nimar region

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more