2019 लोकसभा चुनाव से पहले आरबीआई सर्वे ने बढ़ाई मोदी सरकार की चिंता, उठे कई सवाल
नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव को अभी एक साल भी नहीं बचा है और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सर्वे ने मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हर बार महंगाई, रोजगार और अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर अपनी सरकार की तारीफ करने वाले भाजपा नेताओं की आरबीआई के आंकड़ों ने पोल खोल दी है। आरबीआई द्वारा जारी किए गए सर्वे के अनुसार, देश में 48 फीसदी लोगों ने माना है कि पिछले दो सालों के मुकाबले इस साल देश की अर्थव्यवस्था खराब हुई है।

44 फीसदी लोगों ने माना देश में कम हुई रोजगार के अवसर
आरबीआई के सर्वे में 44 फीसदी लोगों ने माना कि देश में रोजगार के अवसर कम हुए हैं। ये बात मोदी सरकार के लिए इसलिए भी खतरे की घंटे हैं क्योंकि मार्च 2018 के सर्वे में रोजगार के अवसरों पर सवाल उठाने वाले लोग कम थे। वहीं, साल 2016 दिंसबर में 39 फीसदी लोगों ने रोजगार के अवसरों को कम माना था।

खाद्य पदार्थों में हुई है बढ़ोतरी
समय बीतने के साथ-साथ लोग मोदी सरकार के कई कामों पर सवाल उठा रहे हैं। रोजगार के हालात के अलावा खाद्य पदार्थों की कीमतों को लेकर भी देश की जनता मोदी सरकार से खुश नजर नहीं आती। देश में रोजमर्रा की चीजों में लगातार वृद्धि हुई है, ऐसा 88 फीसदी लोगों ने माना है। वहीं, 83 फीसदी लोगों ने कयास लगाए हैं कि आने वाले समय में रोजमर्रा की चीजों में और भी वृद्धि होगी। आरबीआई द्वारा जारी किए गए सर्वे में कहा गया है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में और भी बढ़ोतरी हो सकती है, इसको लेकर लोग चिंतित दिखे।

छह शहरों में किया गया सर्वे
आरबीआई का यह सर्वे छह मेट्रो शहरों में किया गया था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बेंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और दिल्ली में 5077 लोगों से आधार पर ये सर्वे तैयार किया है। 5077 लोगों से सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार आय, खर्च आदि के बारे में लोगों की राय ली गई थी।












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