रविदास मेहरोत्रा को अदालत ने किया भगोड़ा घोषित, गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश
अखिलेश सरकार के मंत्री रविदास मेहरोत्रा को उत्तर प्रदेश की एक एसीजेएम कोर्ट ने एक मामले में भगोड़ा घोषित कर दिया है। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जाने करने के आदेश दे दिए गए हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की एक एसीजेएम कोर्ट ने अखिलेश सरकार के एक मंत्री को भगोड़ा घोषित कर दिया है। इस मंत्री का नाम है रविदास मेहरोत्रा, जो उत्तर प्रदेश के परिवार कल्याण मंत्री हैं। दरअसल, एक आपराधिक मामले में अदालत में पेश नहीं हुए जिसके बाद उन्हें अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। साथ ही, अदालत ने रविदास मेहरोत्रा के खिलाफ एक बार फिर से गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। इस केस की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।

रविदास के खिलाफ करीब 17 केस दर्ज हैं। इनमें से अधिकतर केस प्रदर्शन करने को लेकर दर्ज किए गए हैं, लेकिन एक हत्या का केस भी उन पर दर्ज है। बीते कई सालों से रविदास एक मामले में गैरहाजिर चल रहे थे, जिसके बाद अदालत ने ये फैसला लिया है। इनके अलावा एक अन्य मंत्री महबूब अली पर 12 केस दर्ज हैं, जिनमें हत्या, लूट और डकैती के चार्ज हैं। एक राजा भैया के नाम से पहचाने जाने वाले एक अन्य मंत्री रघुराज प्रताप सिंह पर भी करीब 8 केस दर्ज हैं, जिनमें डकैती और हत्या की कोशिश के चार्ज भी हैं।
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पिछले महीने छपी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) रिपोर्ट के अनुसार करीब 40 मंत्री करोड़ पति हैं। रिपोर्ट ने यह भी कहा कि करीब 45 मंत्री या फिर 82 फीसदी मंत्री ग्रेजुएट हैं या इससे अधिक पढ़े-लिखे हैं, जबकि करीब 10 मंत्री ऐसे हैं जो या तो इंटरमीडिएट पास हैं या फिर उससे भी कम पढ़े हैं। अखिलेश यादव की कैबिनेट में मौजूदा समय में आधे से अधिक मंत्री 50 साल से अधिक के हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 22 मंत्री 25-50 की उम्र के हैं, जबकि करीब 29 मंत्री 51-70 साल की उम्र के हैं।












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