Ratan Tata Tribute: रतन टाटा को उनके डॉग ने भी दी अंतिम विदाई, छोड़ दिया खाना-पीना!
Ratan Tata Dog Goa: भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति और परोपकारी रतन टाटा का 9 अक्टूबर 2024 को 86 साल की आयु में निधन हो गया। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में कुछ दिनों की बीमारी के बाद उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली।
रतन टाटा को श्रद्धांजलि देने के लिए मशहूर हस्तियां, नेता और करीबी दोस्त राष्ट्रीय कला प्रदर्शन केंद्र (एनसीपीए) पहुंचे। इस अवसर पर, एक विशेष साथी भी मौजूद था- उनका पालतू डॉग 'गोवा'। सोशल मीडिया पर सामने आया डॉग का व्याकुल होता हुआ वीडियो आपको भी भावुक कर देगा। दावा किया गया है कि डॉग गोवा ने खाना-पीना छोड़ दिया है।

रतन टाटा और डॉग्स के प्रति प्रेम
रतन टाटा का पशुओं के प्रति प्यार किसी से छिपा नहीं था। वह जीवन भर पशुओं, विशेषकर डॉग्स, के प्रति बेहद दयालु थे। उनके पालतू डॉग 'गोवा' का उनके जीवन में विशेष स्थान था, और उनके निधन के बाद गोवा की भावनात्मक प्रतिक्रिया ने सभी को भावुक कर दिया।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिखाया गया कि रतन टाटा के जाने के बाद से गोवा ने खाना-पीना छोड़ दिया है और वह बेहद उदास है। अंतिम संस्कार के दौरान उसकी बेचैनी भी साफ देखी जा सकती थी।
पशुओं के प्रति रतन टाटा की लगन
रतन टाटा अपने सहायक शांतनु नायडू के साथ मिलकर आवारा कुत्तों के लिए काम करने के कारण और भी करीब आए थे। नायडू ने सड़क पर घूमने वाले डॉग्स को हादसों से बचाने के लिए उनके गले में रिफ्लेक्टिव कॉलर बांधने का एक छोटा व्यवसाय शुरू किया था। टाटा ने इस पहल को न केवल आर्थिक मदद दी, बल्कि नायडू को अपना सहायक नियुक्त कर उनके इस काम को आगे बढ़ाने में सहयोग भी दिया।
टाटा का पालतू डॉग्स से जुड़ाव
रतन टाटा का अपने पालतू डॉग्स के साथ गहरा संबंध था। 2018 में जब उन्हें बकिंघम पैलेस में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना था, तब उन्होंने समारोह में शामिल न होने का निर्णय लिया क्योंकि उनका एक पालतू डॉग बीमार था।
व्यवसायी सुहेल सेठ के अनुसार, टाटा ने अपने कुत्ते की देखभाल को प्राथमिकता दी और शाही समारोह में भाग नहीं लिया। इस निर्णय से राजा चार्ल्स तृतीय भी प्रभावित हुए और उन्होंने टाटा की संवेदनशीलता की सराहना की।
मुंबई के अस्पताल में ली अंतिम सांस
रतन टाटा को 7 अक्टूबर 2024 को गंभीर स्थिति में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में भर्ती होने से पहले टाटा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर अपने फैंस को आश्वस्त किया था कि वह केवल नियमित चेकअप के लिए जा रहे हैं और चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, 9 अक्टूबर की रात उनकी हालत बिगड़ गई और रात 11 बजे के आसपास उनका निधन हो गया।
रतन टाटा के निधन ने न केवल उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों को गहरा आघात पहुंचाया, बल्कि उनके पालतू डॉग गोवा के लिए भी यह एक बड़ी क्षति है। टाटा का जीवन पशुओं के प्रति गहरे लगाव और दयालुता से भरा हुआ था। उनके प्रति उनके कुत्ते की भावुक प्रतिक्रिया ने एक बार फिर साबित किया कि इंसान और जानवरों के बीच का रिश्ता कितना गहरा और संवेदनशील हो सकता है। रतन टाटा की विरासत केवल उद्योग और परोपकार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके पशु प्रेम और सहानुभूति भरे स्वभाव को भी हमेशा याद किया जाएगा।












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