Ramzan 2020: हुआ चांद का दीदार, कल से शुरू रोजा, जानिए रोजे के नियम
Ramzan 2020: हुआ चांद का दीदार, कल से शुरू रोजा, जानिए रोजे के नियम
नई दिल्ली। रमजान के पाक महीने की शुरुआत कल से होने वाली है। 23 अप्रैल की शाम को भारत में केरल राज्य में चांद का दीदार हो गया। चांद दिखने के साथ ही कल से केरल में रमजान का पवित्र महीनेा शुरु हो गया है। कल यानी शुक्रवार को रोजे का पहला दिन होगा। कल से मुस्लिम धर्म के लोग रोजे से रहेंगे। पवित्र रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग तकरीबन 900 मिनट तक बिना खाए पीए रहते हैं।

शुक्रवार को रमजान के रोजे शुरुआत होगी। वहीं इस बार कोरोना वायरस और लाकडाउन के चलते रमजान की सभी इबादतें घर में ही होंगी। देश के उलेमाओं और मुस्लिम धर्मगुरुओ ने लोगों से अपील की है कि वो इस बार रमजान में घरों में ही इबादतें करें।

केरल-कर्नाटक में कल से रमजान
मुस्लिमों के पवित्र महीने रमजान की शुरुआत 24 अप्रैल से हो रही है। कर्नाटक और केरल में कल से रोजा रखा जाएगा। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक गुरुवार को केरल के कप्पड़ मेंं और कर्नाटक के उडुपी में चांद दिखा। चांद दिखने के अगले दिन से रोजे की शुरुआत होती है। केरल स्थित कोझिकोड के कप्पड में चांद नजर आ गया है। कल से यहां रोजे की शुरुआत होगी जो 24-25 मई तक चलेगा। कल के सेहरी का समय सुबह 4 बजकर 22 मिनट का है तो वहीं इफ्तार का वक्त शाम के 6 बजकर 53 मिनट है।

15 घंटे नौ मिनट का होगा पहला रोजा
इस बार पहला रोजे 15 घंटे 9 मिनट से ज्यादा वक्त के होगा। वहीं अंतिम रोजा 15 घंटे एक मिनट अवधि का होगा। पहला रोजा सुबह 04.15 बजे शुरू होगा जो शाम को 6.54 बजे खत्म होगा। लोगों को इस बार घरों में रहकर इबादत करने की सलाह दी गई है। वहीं लोगों को सामूहिक रूप से रोजा इफ्तार के कार्यक्रम नहीं करने की सलाह दी गई है।

जानिए रोजे का नियम
रोजे के दौरान सिर्फ भूखे-प्यासे रहने ही नियम नहीं है, बल्कि आंख, कान और जीभ का भी रोज़ा रखा जाता है। इसका मतलब है कि रोजे के दौरान बुरा न देखें, बुरा न सुनें और बुरा न कहें , इसका पालन किया जाता है। अपनी बातों से किसी को आहत न करने का ध्यान रखना पड़ता है। रमजान के महीने में कुरान पढ़ने का अलग ही महत्व होता है। हर दिन की नमाज के अलावा रमजान में रात के वक्त एक विशेष नमाज भी पढ़ी जाती है, जिसे तरावीह कहते हैं।












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