रामेश्वर उरांव बनाए गए झारखंड कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष, 5 कार्यकारी अध्यक्ष भी बने
रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार के इस्तीफे के बाद से खाली चल रहे प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को नए नाम को घोषणा कर दी गई। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर उरांव झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं। अध्यक्ष के साथ 5 कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए गए हैं। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक केशव महतो कमलेश, इरफ़ान अंसारी, मानस सिन्हा, संजय पासवान और राजेश ठाकुर को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।

बता दें कि, पार्टी में चल रहे भीतरी कलह के चलते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने इस महीने की शुरुआत में इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ चुके राहुल गांधी को सौंपा था। बता दें कि, लोकसभा चुनाव के बाद से झारखंड में कांग्रेस दो खेमे में बंटी नजर आई थी। कई बार कांग्रेस भवन में दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई थी। राहुल गांधी को लिखे पत्र में अजय कुमार ने लिखा था कि वह कांग्रेस पार्टी को आगे ले जाने के लिए अपने दिल और आत्मा पार्टी में लगाने की कोशिश की। झारखंड में पार्टी की कमान संभालने की जिम्मेदारी लेने के बाद वे पार्टी को एकीकृत और जिम्मेदार संगठन की तरफ ले जाना चाहते थे लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके।
डॉ. अजय ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि प्रदेश में पार्टी के अधिकांश कार्यकर्ता पार्टी के वफादार होने के बदले अपने से संबंधित नेताओं के प्रति वफादार हैं। पार्टी के कुछ नेता जैसे सुबोध कांत सहाय, रामेश्वर उरांव, प्रदीप बलमुचू, चंद्रशेखर दुबे, फुरकान अंसारी और कई अन्य वरिष्ठ नेता केवल राजनीतिक पदों को हथियाने में लगे हैं। व्यक्तिगत लाभ के लिए पार्टी हित को ताक पर रखने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इनका सहयोग न मिलने के बावजूद 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने पिछले चुनाव की अपेक्षा 12 फ़ीसदी वोट ज्यादा लाए।
अजय ने अपने पत्र में लिखा था कि उनके धैर्य की कठिन परीक्षा का पल तब आया, जब उनके ही पार्टी के सदस्यों ने पार्टी कार्यालय में हमला करने के लिए गुंडों को काम पर रखा। सुबोधकांत सहाय जैसे तथाकथित कद्दावर नेता का प्रदेश पार्टी मुख्यालय में किन्नरों से उत्पात मचाने के लिए प्रोत्साहित करना एक बेहद स्तरीय और घटिया हरकत थी। उन्होंने आरोप लगाए कि, राज्य के चंद नेता पैसे की ताकत पर लोगों को दिल्ली ले जाते हैं और राज्य में पार्टी के बारे में कुछ झूठी कहानी कांग्रेस पदाधिकारियों को बताते हैं।
अजय कुमार ने कहा कि, कहानी बनाने के एकमात्र उद्देश्य के साथ उन्हें होटलों में ठहराते हैं। विडंबना यह है कि यह तथाकथित वरिष्ठ नेता इस तरह की गतिविधियों पर तो पैसा खर्च करने को तैयार हैं पर उनमें से कोई भी 5000 रुपए प्रतिमाह पार्टी हित में योगदान करने के लिए तैयार नहीं है। अजय ने कहा है कि उनके पास अाेछे स्वार्थ वालों की एक लंबी सूची है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हथियाना टिकट बेचना या चुनाव के नाम पर धन इकट्ठा करना है।












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