आखिर कौन हैं वो बड़े अधिकारी जिन्होंने राम रहीम के खिलाफ रेप केस बंद करने का बनाया था दबाव?
सीबीआई के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर मुलिंजा नारायणन ही वो अधिकारी हैं जिनके नेतृत्व में सीबीआई ने राम रहीम पर लगे रेप के मामले की जांच की थी।
नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को बलात्कार के मामले में पंचकूला की सीबीआई अदालत ने दोषी करार दिया है। लेकिन क्या आपको पता है कि जिस मामले में राम रहीम को दोषी करार दिया गया है इसे बंद करने का दबाव बनाया गया था। इस मामले की जांच का नेतृत्व जिस सीबीआई अधिकारी ने किया उन्होंने बताया कि जिस समय उन्होंने मामले की जांच शुरू की थी तो उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों ने केस बंद करने के लिए कहा था।

मामले की जांच करने वाले सीबीआई के पूर्व अधिकारी का बड़ा खुलासा
सीबीआई के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर मुलिंजा नारायणन ही वो अधिकारी हैं जिनके नेतृत्व में सीबीआई ने राम रहीम पर लगे रेप के मामले की जांच की थी। राम रहीम को कोर्ट की ओर से दोषी करार दिए जाने पर उन्होंने कहा कि एक बार फिर ये साबित हो गया कि कानून से कोई बच नहीं सकता। नारायणन ने बताया कि 2002 में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने ये मामले सीबीआई को सौंपा था। उस समय वो दिल्ली में डीआईजी (विशेष अपराध) के पद पर तैनात थे। 12 दिसंबर, 2002 में मामला दर्ज किया गया। नारायणन ने बताया कि जिस दिन सीबआई की जांच शुरू हुई, उसी दिन सीबीआई के बड़े अधिकारी हमारे पास आए और केस बंद करने को कहा था। हालांकि मैंने इस मामले की जांच को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। जांच आगे बढ़ने पर कई राजनेता, कारोबारी भी सीबीआई मुख्यालय पहुंचे और मामले को बंद करने के लिए कहा।
बता दें कि सीबीआई के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर मुलिंजा नारायणन 38 साल की सेवा के बाद 2009 में रिटायर हुए। वह सीबीआई के ऐसे अधिकारी हैं जिन्होंने सब-इंस्पेक्टर से शुरुआत करने बाद ज्वाइंट डायरेक्टर के पद तक पहुंचे। नारायणन ने बताया कि जिस तरह से मामला आगे बढ़ा, दबाव भी बढ़ा। कई साथ के कर्मचारियों ने भी जांच रोकने की बात कही थी।












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