Ram Mandir: रामलला आंख खोलते ही देखेंगे आईना, चांदी की थाली में भोग, क्या- क्या होगा अनुष्ठान का मुख्य आकर्षण?

Ram Mandir Pran Pratistha: सनातन धर्मियों की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा पूरी होने जा रही है। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर बने राम मंदिर में रामलला की वैदिक रीति से प्राण प्रतिष्ठा के दौरान कई मुख्य अनुष्ठान किए जा रहे हैं, जो रामभक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। राम जन्मभूमि परिसर में रामलला की मूर्ति स्थापित करने के दौरान कुछ खास रीतियों का पालन किया जाएगा। इसके अलावा अन्य कई कार्यक्रम हैं, जो अयोध्या के इस दिव्य अनुष्ठान को विशेष स्थान दे रहे हैं।

मूर्ति पूजा शुरू करने से पहले प्राण प्रतिष्ठा मुख्य अनुष्ठान होता है। इसके बिना स्थाई मूर्ति की पूजा पूर्ण नहीं माना जाती। वैदिक रीति के अनुसार वैदिक मंत्रों के जरिए भगवान का अह्वान कर उनकी चेतना के मूर्ति में स्थापित करना ही प्राण प्रतिष्ठा है। 'प्राण' शब्द का अर्थ है जीवन जबकि प्रतिष्ठा का अर्थ है 'स्थापना। ऐसे में प्राण प्रतिष्ठा का अर्थ है 'प्राण शक्ति की स्थापना'। राम मंदिर परिसर में होने वाले इस विशेष अनुष्ठान के जरिए ही रामलला के मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।

 Ram Mandir Pran Pratistha attractions

दोपहर 12:20 बजे से प्राण प्रतिष्ठा की विधि
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की विधि 22 जनवरी को दोपहर 12:20 बजे शुरू होगी। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का समय काशी के विद्वान गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने निकाला है। यह कार्यक्रम पौष माह के द्वादशी तिथि (22 जनवरी 2024) को अभिजीत मुहूर्त, इंद्र योग, मृगशिरा नक्षत्र, मेष लग्न एवं वृश्चिक नवांश में होगा। दिन में दोपहर 12 बजकर बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड के भीतर रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो जाएगी। दिव्य अनुष्ठान के बीच महज 84 सेकेंड के भीतर रामलला नए भवन के गर्भगृह में विराजमान होंगे।

मूर्ति से पट्टी हटाते ही दिखाया जाएगा आईना
प्राण प्रतिष्ठा से पूर्ण भगवान श्री राम की आंखों में भी पट्टी बांधी गई हैं। प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने के बाद ही पट्टी को हटाया जाता है। इसके पीछे मान्यता है कि वैदिक मंत्रोच्चार के जरिए प्राण प्रतिष्‍ठा से विग्रह में जन्‍मी ऊर्जा और तरंगों को भगवान के अतिरिक्‍त और कोई नहीं देख सकता। ऐसे में विग्रह की आंख खुलते ही दर्पण दिखाने से वह चकनाचूर हो जाता है। दर्पण का टूटना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिमा में पूर्ण रूप से देवत्व शक्ति का वास हो गया है।

रामानंदी परंपरा से पूजा
रामलला की पूजा रामानंदी परंपरा से होती है। श्री राम जन्मभूमि में भगवान राम की बाल स्वरूप की पूजा की जाती है। चूंकि रामलला पांच वर्ष के बालक के रूप में विराजमान होते हैं ऐसे में मंदिर में पूजा के अलावा उनके लालन-पालन, खान-पान का ध्यान रखा जाता है। दोपहर को विश्राम और सांय भोग आरती के बाद शयन को जाने तक 16 मंत्रों की प्रकिया पूरी की जाती है। ये सभी अनुष्ठान भगवान श्री राम के बाल रूप को ध्यान में रखकर किए जाते हैं।

पीएम के हाथों रामलला की प्राण प्रतिष्ठा
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण-प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में शामिल होंगे। कार्यक्रम 22 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त में किया जाएगा।

10:30 बजे तक मेहमानों को करना होगा प्रवेश
उधर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने वाले अतिथियों का आगमन शुरू हो जाएगा। मेहमानों को 10:30 बजे तक रामजन्मभूमि परिसर में प्रवेश करना होगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने बताया कि उसके द्वारा जारी की गई प्रवेशिका के जरिए ही प्रवेश संभव है।

प्राण प्रतिष्ठा पूरा होने के बाद संबोधन
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सभी पूजा-विधि समाप्त होने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास आशीर्वाद देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत संदेश देंगे।

पीएम का कार्यक्रम
इस दौरान पीएम मोदी चार घंटे अयोध्या में रहेंगे। सुबह 10:25 बजे अयोध्या एयरपोर्ट और 10:55 पर राम जन्मभूमि पहुंचेंगे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के बाद एक बजे प्रस्थान कर सभा को संबोधित करेंगे। 2:10 पर कुबेर टीला के दर्शन कर दिल्ली लौट जाएंगे।

शाम को अयोध्या में 'दीपावली'
राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान पूरा होने बाद अयोध्या में 'राम ज्योति' प्रज्ज्वलित की जाएगा। इसके साथ दीपावली मनाने का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। अयोध्या में 22 जनवरी की शाम 10 लाख दीये जलाएंगे। अयोध्या में मकानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और पौराणिक स्थलों पर 'राम ज्योति' प्रज्ज्वलित की जाएगी। श्री राम जन्मभूमि समेत हनुमानगढ़ी, कनक भवन, गुप्तारघाट, सरयू तट, लता मंगेशकर चौक, मणिराम दास छावनी समेत 100 मठ, मंदिरों, अयोध्या के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके अलावा देशभर में लोगों से अपने घरों कम से कम पांच दीये जलाकर राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से जुड़ने का आह्वान किया गया है।

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