Ram Mandir Ayodhya: 'निमंत्रण सिर्फ उन्हें दिया गया है जो...': उद्धव ठाकरे के दावे पर मुख्य पुजारी क्या बोले?
Ayodhya Ram Temple consecration ceremony: अयोध्या में भगवान राम लला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में निमंत्रण मिलने और न मिलने को लेकर शुरू हुई राजनीति खत्म नहीं हो रही है। अब इस मसले पर राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को आगे आना पड़ा है।
'सिर्फ राम भक्तों को निमंत्रण'
श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने निमंत्रण पर हो रही राजनीति को लेकर रविवार को बहुत बड़ी बात कह दी। उन्होंने कहा है कि 22 तारीख को होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए 'सिर्फ राम भक्तों को निमंत्रण' दिया गया है।

उद्धव ने निमंत्रण नहीं मिलने की शिकायत की थी
आचार्य दास की यह प्रतिक्रिया शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के हाल में आए उस बयान पर आई है, जिसमें उन्होंने राम मंदिर के उद्घाटन समारोह के लिए निमंत्रण नहीं मिलने की बात कही थी।
हमारे प्रधानमंत्री का हर जगह सम्मान होता है- राम मंदिर के मुख्य पुजारी
न्यूज एजेंसी एएनआई से आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा है कि 'निमंत्रण सिर्फ उन्हें दिया गया है जो भगवान राम के भक्त हैं। यह पूरी तरह से गलत है कि बीजेपी भगवान राम के नाम पर लड़ रही है....हमारे प्रधानमंत्री का हर जगह सम्मान होता है। उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत बड़ा काम किया है। यह राजनीति नहीं है। यह उनकी श्रद्धा है। '
उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर साधा था निशाना
इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व सीएम ने निमंत्रण नहीं मिलने पर बीजेपी को निशाने पर लिया था और कहा था कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि उद्घाटन समारोह को राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बनाना चाहिए या इसे किसी एक पार्टी तक नहीं सीमित रखना चाहिए।
वैसे उनका कहना था कि वह राम मंदिर में होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को लेकर बहुत खुश हैं और राम जन्मभूमि आंदोलन में अपने पिता बालासाहेब ठाकरे की भूमिका को भी याद किया था।
संजय राउत भगवान राम का अपमान कर रहे हैं- आचार्य सत्येंद्र दास
सिर्फ उद्धव ही नहीं उनकी पार्टी के नेता संजय राउत भी भगवान राम को लेकर की गई अपनी टिप्पणी को लेकर राम मंदिर के मुख्य पुजारी के निशाने पर आ गए।
उन्होंने कहा, 'संजय राउत को इतना दर्द हो रहा है कि वे ये भी नहीं बता सकते कि ये वही लोग हैं, जो भगवान राम के नाम पर चुनाव लड़ते थे....जो भगवान राम को मानते हैं, वे सत्ता में हैं। ये कैसी बकवास कर रहे हैं? वे भगवान राम का अपमान कर रहे हैं।'
दरअसल, शनिवार को बीजेपी पर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाने के चक्कर में संजय राउत ये तक बोल गए थे कि जल्द ही पार्टी (भाजपा) चुनावों में 'भगवान राम को अपना उम्मीदवार घोषित कर देगी।' उन्होंने कहा था कि 'भगवान राम को लेकर जबर्दस्त राजनीति हो रही है।'
निमंत्रण मिलने और न मिलने दोनों पर हो रही है राजनीति
दरअसल, राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जिन नेताओं को आने का निमंत्रण भेजा भी गया है, उनमें से कुछ ने इसे या तो ठुकरा दिया है या फिर वह किसी फैसले पर पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। जैसे सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने दो टुक कह दिया है कि वह इस समारोह में नहीं जा रहे हैं।
सीपीएम नेता यह भी कह चुके हैं कि 'धर्म निजी पसंद है और इसका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए।' इसी तरह मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टीएमसी प्रमुख और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी खुद भी इससे दूरी बना सकती हैं और अपने किसी प्रतिनिधि को भी नहीं भेजना चाहतीं।
इसे भी पढ़ें- राम मंदिर, सीएम योगी और यूपी STF चीफ को बम से उड़ाने की धमकी, अज्ञात ईमेल से मचा हड़कंप
कांग्रेस के अंदर ही राम मंदिर पर मचा हुआ है घमासान
जबकि, कांग्रेस तो राम मंदिर के मुद्दे पर पूरी तरह से बंटी नजर आ रही है। सुबह एक नेता प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के समर्थन में बातें करता है, तो शाम में दूसरा नेता इसको लेकर बहुत ही आपत्तिजनक बयान देता नजर आता है।
इन सबके बीच पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी को निमंत्रण मिल भी चुका है, तो भी वह क्या करने वाले हैं, इसको लेकर असमंजस बरकरार है।












Click it and Unblock the Notifications