रक्षाबंधन 2024: राखी बांधने का मंत्र, उनका अर्थ और मंत्रोच्चार से होने वाला लाभ
Rakshabandhan 2024: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं।
रक्षा सूत्र को बांधते समय खास अवसर पर विशेष अनुष्ठान भी किया जाता है। ऐसे में राखी बांधते समय कुछ मंत्रोच्चार भी किया जाता है।

रक्षासूत्र बंधन के लिए कुछ लोकप्रिय और उपयोगी मंत्र ये हैं।
"येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचल:।।"
राखी के इस मंत्र का अर्थ है- जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षाबंधन से मैं तुम्हें बांधता हूं, जो तुम्हारी रक्षा करेगा| हे रक्षे! (रक्षासूत्र) तुम चलायमान न हो, चलायमान न हो। अर्थात स्थिर होकर सदा मेरे भाई की रक्षा करते रहो।
रक्षाबंधन का एक और मंत्र है,
"रक्षा बंधने देहि मे भुजौ,
भुजौ देहि रक्षा मे,
चिरंजीव शरदः शतम्,
वृद्धि विपुल देहि मे।"
इस मंत्र का अर्थ है कि हे भगवान, मेरे भाई की कलाई पर राखी बांधते समय मैं आपको प्रार्थना करती हूँ कि आप मेरे भाई को लंबी उम्र और सुख-समृद्धि प्रदान करें। मैं आपको प्रार्थना करती हूँ कि आप मेरे भाई को सुरक्षा और समृद्धि प्रदान करें और उसकी आयु को सौ वर्ष तक बढ़ाएं।
रोली-अक्षत का तिलक लगाकर भाई की कलाई पर राखी बांधते समय इस मंत्र का जाप करने से भाई-बहन के बीच प्यार और स्नेह बढ़ता है और भाई को सुरक्षा और समृद्धि की प्राप्ति होती है। रक्षाबंधन के दिन इन मंत्रों का जाप करना बहुत महत्वपूर्ण है।












Click it and Unblock the Notifications