Rajya Sabha Chunav: अब संसद में नहीं होगा कोई पूर्व PM! देवेगौड़ा की जगह BJP ने चुना नया चेहरा, कौन है नागराज?
Rajya Sabha Elections 2026: राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया खत्म होते ही पूर्व पीएम एच डी देवेगौड़ा के संसदीय जीवन का भी 'दि एंड' हो गया है क्योंकि बीजेपी ने उनकी जगह कर्नाटक से एम. नागराज को राज्यसभा कैंडिडेट बनाया है। जिसके बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तंज कसा है कि 'बीजेपी ने पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा को राज्य से लगातार दूसरी बार राज्यसभा भेजने से इनकार कर दिया, ये केवल वरिष्ठ नेता का ही अपमान नहीं है बल्कि कर्नाटक की जनता का अपमान है।'
गौरतलब है कि कांग्रेस पहले भी देवगौड़ा को लेकर बीजेपी पर तंज कसती रही है। लोकसभा में बहस के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने तो खुले आम कहा था कि 'देवगौड़ा ने प्यार तो हमसे किया लेकिन शादी मोदी सरकार से कर गए।'

आपको बता दें कि उच्च सदन में देवगौड़ा ने पीएम नरेंद्र मोदी की खूब तारीफ भी की थी और जनता दल सेक्युलर को उम्मीद थी कि पूर्व पीएम देवेगौड़ा को एक और मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया, इसी के साथ ही एक बड़ी बात भी सामने आती है कि लोकसभा-राज्यसभा, दोनों सदनों में कोई भी पूर्व प्रधानमंत्री सदस्य नहीं होगा।
एक नजर एचडी देवगौड़ा के सफर पर
18 मई 1933 को जन्मे एचडी देवगौड़ा का पूरा नाम हरदनहल्ली डोड्डेगौड़ा देवेगौड़ा है, देवेगौड़ा ने 1953 में कांग्रेस से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की, लेकिन बाद में पार्टी छोड़कर क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय हुए। साल 1962 में पहली बार कर्नाटक विधानसभा के लिए चुने गए और लगातार कई कार्यकाल तक विधायक रहे। उन्होंने विपक्ष के नेता, सिंचाई मंत्री और कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।

मुख्यमंत्री से लेकर पीएम तक की कुर्सी संभाली
1994 में जनता दल के नेतृत्व में सरकार बनने पर देवेगौड़ा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने। साल 1996 के लोकसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। इसके बाद संयुक्त मोर्चा (United Front) सरकार बनी और देवेगौड़ा ने 11 महीने तक पीएम की कुर्सी संभाली।
'मन्निना मग' के नाम से लोकप्रिय हैं एचडी देवगौड़ा
कर्नाटक में देवेगौड़ा को 'मन्निना मग' (मिट्टी का बेटा) कहा जाता है। 1999 में जनता दल के विभाजन के बाद उन्होंने Janata Dal (Secular) (JD-S) का नेतृत्व संभाला। तब से वे पार्टी के सर्वोच्च नेता और मार्गदर्शक रहे हैं।
कौन है प्रो. एम नागराज?
आपको बता दें कि देवगौड़ा की जगह उच्च सदन के लिए नामांकन करने वाले प्रो. एम नागराज शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, वो छात्र जीवन से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए हैं। वो कर्नाटक के प्रभावी वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं, उनको टिकट मिलने के पीछे ये एक बहुत बड़ी वजह बताई जा रही है, वो मूल रूप से हुबली-धारवाड़ से आते हैं।

कर्नाटक लोक सेवा आयोग के सदस्य भी रहे हैं नागराज
वो कर्नाटक भाजपा के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं, वो कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के मेंबर भी रह चुके हैं। वो ओबीसी ग्रुप का प्रतिनिधित्व करते हैं। भाजपा ने उन्हें टिकट देकर वोक्कालिगा समुदाय को खुश करने की कोशिश की है। खास बात ये है कि कर्नाटक के मौजूदा सीएम डीके शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय के अभी सबसे बड़े चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। मालूम हो कि राज्यसभा चुनाव का मतदान 18 जून को सुबह नौ से शाम चार बजे तक होगा, उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे।














Click it and Unblock the Notifications