गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सुनाई सालों पुरानी कहानी, बोले- मौलवी साहब मुझे छड़ी से पीटते थे
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह अपने छात्र जीवन के बारे में ऐसी बाते साझा की हैं जो शायद ही किसी को पता हो। लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम में राजनाथ सिंह अपने छात्र जीवन की बाते करते हुए भावुक हो गए, उन्होंने कहा कि वह हमेशा अपने गुरुजनों का सम्मान करते थे।

मुझे अनुशासन सिखाया
राजनाथ सिंह ने कहा कि छात्रों को हमेशा अपने गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए, इस दौरान उन्होंने अपने जीवन की एक कहानी सुनाते हुए कहा कि जब वह स्कूल में पढ़ते थे तो उनके गुरु जोकि मौलवी थे, उन्हें छड़ी से पीटते थे। उन्होंने कहा कि जब मैं मंत्री बना था तो वहीं मौलवी साहब मेरे लिए फूल लेकर आए थे। राजनाथ सिंह ने कहा कि मौलवी साहब ने उन्हें जो अनुशासनस सिखाया वह उनके जीवन में काफी काम आया।

पैरो पर मारते थे
लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि जब मैं स्कूल में था तो प्राइमरी में मौलवी साहब उनके शिक्षक थे, वह शीरीरिक शिक्षा के शिक्षक थे, वह पीटी के दौरान किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करते थे। कोई भी छात्र जब अनुशासनहीनता करता था तो वह उसे थप्पड़ लगा देते थे, या फिर पतली छड़ी से उसकी टांगों पर मारते थे, जिसके बाद बच्चे सही से पीटी करने लग जाते थे।

मेरे लिए फूल की माला लेकर खड़े थे
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब मैं उत्तर प्रदेश का शिक्षा मंत्री बना था तो मैं अपने काफिले के साथ वाराणसी के पा चंदौली अपने घर जा रहा था, तभी सड़क के किनारे मैंने एक बुजुर्ग को देखा, वह बुजुर्ग कोई और नहीं बल्कि 90 वर्षीय मेरे पीटी के शिक्षक थे, मैं उन्हें देखते ही पहचान गया था, मैंने अपनी गाड़ी रुकवाई, मौलवी साहब मेरे लिए फूल की माला लेकर खड़े थे, मैंने उस माला की उनके ही गले में डाला और पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद मौलवी साहब बहुत रोने लगे, जिसके बाद मैं भी काफी भावुक हो गया था।
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