क्या Rau's IAS कोचिंग सेंटर में 3 से ज्यादा हुई हैं मौतें? कैजुअल्टी पर प्रदर्शनकारी छात्रों को क्यों है शक
Rau's IAS coaching centre incident: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में राऊज आईएएस स्टडी सर्किल कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर जाने से UPSC की तैयारी कर रहे तीन छात्रों श्रेया यादव, तान्या सोनी और निविन दलविन की 27 जुलाई की शाम को मौत हो गई है।
इस हादसे के बाद राजेंद्र नगर में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र प्रदर्शन कर रहे है। प्रदर्शनकारी छात्रों को शक है कि कोचिंग सेंटर हादसे में तीन से ज्यादा मौतें या फिर और कैजुअल्टी हुई है, जिसे सरकार और प्रशासन छिपा रही है।

वनइंडिया हिंदी के पत्रकार से बात करते हुए झारखंड के रांची से आए अभिषेक ने दावा किया है कि,''MCD और कोचिंग हमसे नंबर भी छुपा रहे हैं, वो बता नहीं रहे हैं कि आखिर कितनी कैजुअल्टी हुई है। हम यहां इंसाफ के लिए बैठे हैं अगर यहां न्याय नहीं मिला तो हम संसद मार्च करेंगे।''

ये भी पढ़ें- UPSC की तैयारी कर रहे राजेंद्र नगर के छात्रों की सरकार से क्या है मांग? ये सब सही हो जाए, तो ऐसी नौबत ही ना आए
वनइंडिया की इस हादसे पर लगातार ग्राउंड रिपोर्टिंग जारी है। घटना और छात्रों के आक्रोशित प्रदर्शन पर कवरेज का हर अपडेट आपको हम साझा करते रहेंगे।
क्यों प्रदर्शनकारी छात्रों को है कैजुअल्टी के आंकड़ों पर शक?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक राऊज आईएएस स्टडी सर्किल कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने की घटना शनिवार 27 जुलाई 6 बजकर 45 मिनट पर हुई। वहीं दिल्ली अग्निशमन विभाग को करीब 7 बजे कोचिंग सेंटर की ओर से और करोल बाग इलाके में जलभराव के बारे में सूचना मिली थी, जिसमें बताया गया था कि दो या तीन छात्र कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में फंसे हुए हैं। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने पाया कि बेसमेंट पानी में भरा हुआ है। पानी को बाहर निकालने के प्रयासों में शुरुआत में बाधा आई क्योंकि बारिश का पानी बेसमेंट में बहता रहा, हालांकि, जब सड़क का पानी कम हुआ, तो वे पानी के स्तर को 12 फीट से घटाकर आठ फीट करने में सफल रहे और तीन छात्रों के शवों को बाहर निकाला।
पुलिस ने आगे बताया कि हादसे के वक्त कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में 30 छात्र थे, जिनमें से 12 से 14 को बचा लिया गया और अस्पताल ले जाया गया था। जबकि अन्य वहां से निकलने में सफल रहे थे।

ये भी पढ़ें- RAU'S IAS कोचिंग के जिंदा होते तीनों छात्र, अगर ना हुआ होता ये वाक्या, वीडियो देख, हर कोई कर रहा अफसोस
लेकिन यहां पर कई ऐसे सवाल हैं, जिससे प्रदर्शनकारी छात्रों को है कैजुअल्टी के आंकड़ों पर शक हो रहा है। कुछ छात्रों का दावा है कि जब डेड बॉडी बाहर निकाली जा रही थी तो लाइट काट दी गई थी। आखिर ऐसा क्यों किया गया है। वहीं मिसिंग परिवार के लोगों का रात तक पता था, लेकिन अचानक रविवार की सुबह कोई क्यों नहीं दिख रहा है? कोचिंग संस्थान वाले, एमसीडी और प्रशासन आपस में मिले हुए हैं।
एक आउटसाइडर प्रदर्शनकारी छात्र का कहना है कि, 'कैजुअल्टी छिपाई जा रही है। अभी तक हमें 3 कैजुअल्टी ही बताई जा रही है लेकिन यहां आसपास कई लोग के बीच इस बात की चर्चा है कि कैजुअल्टी 3 से ज्यादा है।'
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, "पुलिस हमें गलत जानकारी दे रही है। कोई भी हमें मरने वालों की सही संख्या नहीं बता रहा है। ये ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि हम ज्यादा बवाल ना करें या उग्र ना हो। लेकिन यहां मास मर्डर हुआ है।''












Click it and Unblock the Notifications