बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर स्पीकर लें फैसला: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान में बसपा विधायकों पर विधानसभा स्पीकर लेंगे फैसला
नई दिल्ली। राजस्थान में छह बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर फैसला अब विधानसभा स्पीकर लेंगे। भाजपा विधायक मदन दिलावर और बसपा की ओर से इन विधायकों की सदस्यता खारिज करने की मांग करने वाली याचिकाओं को हाईकोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया। जस्टिस महेन्द्र गोयल की एकलपीठ ने आज राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सी.पी. जोशी से मामले में फैसला लेने को कहा है। अदालत ने स्पीकर को इस पर फैसला लेने के लिए तीन महीने का समय दिया है।

राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले को लेकर दायर भाजपा विधायक की याचिका खारिज कर दी है। स्पीकर के वकील कपिल सिब्बल ने बताया है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को राजस्थान हाईकोर्ट के मामले में स्पीकर को फैसला लेने का अधिकार दिया है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। बसपा से कांग्रेस में गए ये विधायक लखन सिंह (करौली), राजेन्द्र सिंह गुढ़ा (उदयपुरवाटी), दीपचंद खेड़िया (किशनगढ़ बास), जोगेन्दर सिंह अवाना (नदबई), संदीप कुमार (तिजारा) और वाजिब अली (नगर, भरतपुर) हैं।
राजस्थान में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को छह सीटें मिली थीं। बसपा के सभी विधायक एक साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे, इससे उनके खिलाफ दल बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई नहीं हुई थी। राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी के विधायकों के कांग्रेस में विलय के खिलाफ बीजेपी की ओर से विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को भी याचिका देते हुए कहा था कि यह दल बदल कानून के तहत गलत है और बहुजन समाज पार्टी के सभी 6 विधायकों को अयोग्य घोषित करते हुए इनकी सदस्यता खत्म कर दी जाए। स्पीकर ने इसे खारिज करते हुए पिछले साल सितंबर में एक आदेश पारित कर कहा था कि छह विधायकों को कांग्रेस का अभिन्न अंग माना जाएगा। जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के विधायक मदन दिलावर ने राजस्थान हाईकोर्ट में इसको लेकर याचिका दायर की थी।












Click it and Unblock the Notifications