PSE सर्वे: राजस्थान में भाजपा ने आखिरी दौर में की जोरदार वापसी
नई दिल्ली। राजस्थान के विधानसभा चुनाव में एंटी इंकम्बेंसी का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी की स्थिति में बीते एक माह में सुधार आया है। इंडिया टुडे के पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज (पीएसई) सर्वे के मुताबिक सरकार बदलने और मौजूदा सरकार का एक और कार्यकाल चाहने वालों में एक फीसदी का फर्क है। 45 फीसदी लोगों ने राजस्थान में सरकार के बदलाव के पक्ष में राय व्यक्त की है, जबकि 44 प्रतिशत वोटर भाजपा औप वसुंधरा राजे को ही एक और कार्यकाल देने के हक में हैं।

बीते माह के मुकाबले बदला है आंकड़ा
राजस्थान चुनाव के ऐलान के समय से ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ माहौल होने का दावा किया जा रहा है। ज्यादातर पोल भी भाजपा की हार की बात कह रहे हैं। बीते महीने पीएसई सर्वे में 43 फीसदी वोटरों ने राजस्थान में सरकार में बदलने की जबकि 39 प्रतिशत ने वोटर मौजूदा बीजेपी सरकार को ही वोट देने की बात कही थी। इस माह पीएसई देखें तो साफ है कि प्रचार के आखिरी दौर में पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन कर स्थिति को ठीक किया है और भाजपा को लेकर लोगों की सोच बदली है।

टिकट बंटवारे से कांग्रेस में बगावत!
पीएसई सर्वे कहता है कि बीजेपी और कांग्रेस के बीच जो अंतर घटा है, उसके पीछे बड़ी वजह टिकटों के बंटवारे के बाद की बगावत है। भाजपा में भी कई नेता विरोध में उतरे लेकिन कांग्रेस में बागियों की संख्या बीजेपी के मुकाबले दोगुने बताए गए हैं।

जातियां सरकार बदलने पर बंटी हुई हैं
पीएसई के मुताबिक, ज्यादातर पिछड़ी जातियां, एससी, एसटी और मुस्लिम मौजूदा सरकार को बदलने के पक्ष में जबकि सामान्य जातियां भाजपा के पक्ष में ज्यादा दिख रही हैं। राजस्थान में क्षेत्रों के आधार पर बात करें तो अहीरवाल और ढूंढ़ाड़ (जयपुर) क्षेत्रों में 49%-49% वोटर सरकार में बदलाव चाहते हैं। राजे सरकार को जैसलमेर-बीकानेर, मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्रों में क्रमश: 45, 43 और 53% वोटरों का समर्थन हासिल है।जैसलमेर-बीकानेर में 37% वोटर सरकार में बदलाव चाहते हैं। मारवाड़ और मेवाड़ में 40%-40% वोटर सत्ता में परिवर्तन चाहते हैं।












Click it and Unblock the Notifications