अब इस नाम से जानी जाएगी रेलवे को सुरक्षा देने वाली फोर्स RPF, सरकार ने बदला नाम

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने न्यायालय के आदेश के अनुसार रेलवे सुरक्षा बल को पूर्ण संगठित समूह ए (ओजीएएस) का दर्जा दे दिया है। अब रेलवे को सुरक्षा देने वाले जवानों को भारतीय रेलवे सुरक्षा बल सेवा के रूप में जाना जाएगा। इस संबंध में 30 दिसंबर को रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक अमिताभ जोशी ने नोटिस जारी कर जानकारी दी है। नोटिस में बताया गाय है कि न्यायालय के आदेशों से उत्पन्न कैबिनेट के निर्णय के परिणामस्वरूप यह सूचित किया जाता है कि आरपीएफ को भारतीय रेलवे सुरक्षा बल सेवा के रूप में जाना जाएगा।

वर्तमान में हैं 12 बटालियनें

वर्तमान में हैं 12 बटालियनें

बता दें कि, 29 अगस्त 1957 में 'रेल सुरक्षा बल अधिनियम' संसद द्वारा पास किया गया जो 10 सितम्बर 1959 को लागू हुआ, तब से रेल सुरक्षा बल का वैधानिक रूप से गठन हुआ। 10 सितम्बर1959 को ही 'रेलवे सुरक्षा बल नियम 195' भी लागू हुआ। देश की सीमा से लगे स्थानों तक रेलगाड़ियों को सुरक्षित पहुचाने व लाने के लिए क्षेत्रीय रेलों से 'रेलवे सुरक्षा बल' से अधिकारियों तथा जवानों को इकट्ठा करके एक नये बल 'रेलवे सुरक्षा विशेष बल' का गठन किया गया। इसका नाम सन् 1965 में रेल सुरक्षा विशेष बल रखा गया। इनका मुख्य कार्य रेल सुरक्षा बल की विशेष परिस्थितयों में सहायता करना है। वर्तमान में इसकी 12 बटालियनें हैं।

रेलवे सुरक्षा बल को मिली थी बड़ी जिम्मेदारी

रेलवे सुरक्षा बल को मिली थी बड़ी जिम्मेदारी

रेलवे अधिनियम 1989 में यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए रेलवे सुरक्षा बल को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गयी जिसे पूरा करने हेतु रेलवे अधिनियम 1989 में भी संशोधन किया जाना आवश्यक हो गया। इसी परिपेक्ष्य में केन्द्र सरकार द्वारा एक और कदम उठाते हुए रेलवे द्वितीय (संशोधन) अधिनियम-2003 पारित किया गया जिसमें दो नई महत्वपूर्ण परिभाषाएं जोड़ी गयी है। धारा 179 की उप धारा(2) के अंतर्गत गिरफ्तारी, जांच एवं अभियोजन के अधिकार रेलवे सुरक्षा बल को देकर राज्य पुलिस का कार्यभार कम किया गया है जबकि मूल अधिनियम में अपराधों के संबंध में पुलिस को ही कार्यवाही करनी पड़ती थी।

साल 2019 में रेलवे ने रचा इतिहास

गौरतलब है कि रेलवे के लिए साल 2019 काफी खास रहा, इस वर्ष रेल यात्रियों को कई नई ट्रेनों का उपहार मिला। इस साल रेलवे ने इतिहास रचते हुए सबसे तेज रफ्तार की ट्रेन की शुरुआत की। साल 2019 में रेलवे ने भारत की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस या Train-18 को सफलतापूर्वक शुरू की। वंदे मातरम ट्रेन की खासियत उसकी रफ्तार और ट्रेन में मिलने वाली सुविधाएं हैं।

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