अब चकाचक दिखेंगे भारत के 50 रेलवे स्टेशन
नई दिल्ली( ब्यूरो )। नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, वाराणसी, लखनऊ और लुधियाना समेत देश के 50 रेलवे स्टेशनों के दिन फिरने वाले हैं। अब ये पहले की तरह से बुरी हालत में नहीं रहेंगे। अब इन्हें आप जल्दी ही चमकता हुआ देखँगे।सफाई का काम तीन साल के लिए दिया जाएगा और ठेकेदार को टेक्निकल और फाइनेंशल बिड देनी होगी। यानी उसे बताना होगा कि उसके पास आधुनिक मशीनें हैं या नहीं। पहले पेस्ट कंट्रोल का काम शामिल नहीं किया जाता था, लेकिन अब यह भी शामिल किया गया है।

अब प्लैटफॉर्म के साथःसाथ लिफ्ट, ट्रैक, एस्केलेटर, फुटओवर ब्रिज की भी सफाई होगी। खास स्टेशनों पर सफाई कर्मचारियों की कमी की वजह से प्राइवेट ठेकेदारों के जरिए सफाई का काम किया जा रहा था।
अवांछित लोग न आ सकें
अब रेलवे यह भी देखेगा कि टिकटिंग एरिया में अवांछित लोग न आ सकें। इस सिस्टम के लिए हर जोनल रेलवे के तीन स्टेशनों को चुना गया है, लेकिन नॉर्दर्न रेलवे के पांच स्टेशनों को इस योजना के दायरे में लाया गया है। इनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ के रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं।सफाई का काम तीन साल के लिए दिया जाएगा और ठेकेदार को टेक्निकल और फाइनेंशल बिड देनी होगी। यानी उसे बताना होगा कि उसके पास आधुनिक मशीनें हैं या नहीं। पहले पेस्ट कंट्रोल का काम शामिल नहीं किया जाता था, लेकिन अब यह भी शामिल किया गया है।
निगरानी के लिए सीसीटीवी
जानकारी के अनुसार, सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए सीसीटीवी का इस्तेमाल किया जाएगा और इसके लिए आईपी बेस्ड सिस्टम के जरिए रेलवे के सीनियर अफसर अपने कमरे में बैठकर ही सफाई का जायजा ले सकेंगे। सफाई व्यवस्था के तहत ट्रैक, स्टेशन की पूरी बाउंड्री के अंदर की सफाई का जिम्मा प्राइवेट ठेकेदार की कंपनी का ही होगा। इसके अलावा रिटायरिंग रूम, सीढ़ियां आदि सभी उसी के दायरे में आएंगी।












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