रेलवे में नौकरी करने वाले जरूर पढ़ें ये खबर, एक गलती से खतरे में पड़ सकती है नौकरी

अगर आप भी रेलवे में नौकरी करते हैं तो सावधान हो जाइए, क्‍योंकि केंद्र सरकार ने अपने सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नया नियम बना दिया है।

नई दिल्‍ली। अगर आप भी रेलवे में नौकरी करते हैं तो सावधान हो जाइए, क्‍योंकि केंद्र सरकार ने अपने सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नया नियम बना दिया है।

arun jaitley

सरकारी नीति की सोशल मीडिया साइट फेसबुक और ट्वीटर पर आलोचना न करें

सरकारी नीति की सोशल मीडिया साइट फेसबुक और ट्वीटर पर आलोचना न करें

इस क्रम में पहला नंबर रेलवे का ही लगा है। रेलवे ने अपने कर्मचारियों से कहा गया है कि वो सरकारी नीति की सोशल मीडिया साइट फेसबुक और ट्वीटर पर आलोचना न करें। इसके अलावा उनको यह भी सलाह दी गई है कि वो निजी तौर पर होने वाली चर्चा में भी ऐसा न करें। टेलीग्रॉफ की खबर के मुताबिक पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आने वाले महाराष्‍ट्र और गुजरात के रेलवे कर्मचारियों को सबसे पहले यह निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश में कहा गया है कि कर्मचारियों को हाल में लिए गए सरकारी नीतियों और सरकार के निर्णय की आलोचना न करने के लिए कहा गया है। पश्चिम रेलवे के चीफ पर्सनल ऑफिसर मैत्रीय बरुआ के हस्‍ताक्षर वाले एक आदेश में कहा गया है कि हमारी जानकारी में यह बात आई है कि रेलवे के कर्मचारी मैसेज और चैट करते समय सरकारी की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं। ऐसा सोशल मीडिया के क्‍लोजड यूजर समूह में खूब हो रहा है।

सर्विस कंडेक्‍ट रूल्‍स के खिलाफ जाने पर कार्रवाई

सर्विस कंडेक्‍ट रूल्‍स के खिलाफ जाने पर कार्रवाई

आदेश में कहा गया है कि रेलवे की सर्विस कंडेक्‍ट रूल्‍स के खिलाफ जाने पर सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा सकती है। आदेश में कहा गया है कि सरकारी निर्णयों के खिलाफ प्रिंट मीडिया, टीवी समाचार चैनल में बोलने की अभी तक मनाही है और अब यह सोशल मीडिया पर भी लागू होगा। इस नियम को तोड़ने वालो के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी।

 सोशल मीडिया पर क्‍लोज्‍ड यूजर ग्रुप के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं

सोशल मीडिया पर क्‍लोज्‍ड यूजर ग्रुप के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं

न्‍यूज रिपोर्ट के मुताबिक अगर पश्चिम रेलवे के अंतर्गत काम करने वाले रेलवे के कर्मचारियों का मानना है कि रेलवे जोन सोशल मीडिया पर क्‍लोज्‍ड यूजर ग्रुप के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह पूरी तरह से एक निजी स्‍थान है। सरकार को सोशल मीडिया जैसे स्‍थान को पूरी तरह से छोड़ देना चाहिए। पश्चिम रेलवे का मुख्‍यालय मुंबई में है। यह रेलवे के 17 जोन में से एक और सबसे ज्‍यादा व्‍यस्‍तम जोन में से एक है।

डीओपीटी ने पहले जारी किया था निर्देश

डीओपीटी ने पहले जारी किया था निर्देश

टेलीग्राफ को सूत्रों ने बताया कि इससे पहले 30 अगस्‍त को एक ऐसा ही पत्र अधिकारियों को भेजा गया था जिसमें कहा गया था कि ट्वीटर और वॉट्सऐप के जरिए सरकार की नीतियों की आलोचना सरकारी कर्मचारी कर रहे हैं। रेलवे जोन की तरफ से यह आदेश आने से पहले डिपॉर्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग ने एक नियम बनाते हुए कहा था कि टेलीविजन, सोशल मीडिया और किसी अन्‍य माध्‍यम पर सरकार के निर्णयों की आलोचना सरकारी कर्मचारी न करें। टेलीग्राफ ने जब इस बावत पश्चिम रेलवे के मुख्‍य जनसंपर्क अधिकारी से बात करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

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