मोदी सरकार के तीन 'काले' अध्यादेश किसान-मजदूर पर घातक प्रहार हैं: राहुल गांधी
नई दिल्ली। कृषि अध्यादेशों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए अध्यादेशों पर कहा कि यह पीएम मोदी का एक और किसान-विरोधी षड्यंत्र है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया,'' किसान ही हैं जो खरीद खुदरा में और अपने उत्पाद की बिक्री थोक के भाव करते हैं। मोदी सरकार के तीन 'काले' अध्यादेश किसान-खेतिहर मजदूर पर घातक प्रहार हैं ताकि न तो उन्हें MSP व हक मिलें और मजबूरी में किसान अपनी जमीन पूंजीपतियों को बेच दें। मोदी जी का एक और किसान-विरोधी षड्यंत्र।''
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लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने संसद परिसर से बाहर संवाददाताओं से कहा, ''सरकार जो दो विधेयक लेकर आई है वो किसानों और कृषि क्षेत्र को तबाह करने वाले हैं। आज का दिन काला अक्षर से लिखा जाएगा।'' उन्होंने कहा, '' हमने सदन में इसका विरोध किया। मंत्री जी ने कहा कि ये किसानों को आजादी देते हैं। यह सरासर झूठ है। ये किसानों को नहीं, बल्कि बड़े उद्योगपतियों को आजादी देते हैं।''
गौरतलब है कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को कृषि उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक, किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन समझौता विधेयक और कृषि सेवा अध्यादेश और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक पेश किये। ये विधेयक अध्यादेशों का स्थान लेने के लिए पेश किए गए हैं। देश के कुछ हिस्सों में किसान संगठन इनका विरोध कर रहे हैं।
आपको बता दें कि इससे पहले इस मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाल ने 12 सिंतबर को कहा था, "मोदी सरकार ने खेत-खलिहान-अनाज मंडियों पर तीन अध्यादेशों का क्रूर प्रहार किया है। ये 'काले कानून' देश में खेती व करोड़ों किसान-मज़दूर-आढ़ती को खत्म करने की साजिश के दस्तावेज हैं। खेती और किसानी को पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने का यह सोचा-समझा षडयंत्र है। अब यह साफ है कि मोदी सरकार पूंजीपति मित्रों के जरिए 'ईस्ट इंडिया कंपनी' बना रही है। अन्नदाता किसान व मजदूर की मेहनत को मुट्ठीभर पूंजीपतियों की जंजीरों में जकड़ना चाहती है।












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