'मेरा काम लोकतंत्र की रक्षा करना नहीं', संविधान की रक्षा के दावे के बाद राहुल गांधी ने क्यों कही ये बात?
Rahul Gandhi Press Confrence: लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से ही भारतीय राजनीति में 'वोट चोरी' का मुद्दा गरमाया हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' के नए और ठोस सबूत मौजूद हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने अपने बयान से सबको चौंका दिया, जब उन्होंने कहा कि, 'ईमानदारी से कहूं तो जो मैं यहां कर रहा हूं, वह मेरा काम नहीं है। मेरा काम लोकतांत्रिक प्रणाली में भाग लेना है। मेरा काम लोकतांत्रिक प्रणाली की रक्षा करना नहीं है।'

उन्होंने आगे कहा कि यह काम भारत की संस्थाओं का है, लेकिन वो इसे नहीं कर रही हैं, इसलिए मुझे यह करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले 2-3 महीनों में वे ऐसे सबूत पेश करेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि देश में हर लोकसभा चुनाव में वोट चोरी की गई है।
Rahul Gandhi: 'वोट चोरी' के 'हाइड्रोजन बम' की तैयारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके पास 'वोट चोरी' के नए और ठोस सबूत हैं, जो 'ब्लैक एंड व्हाइट' में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यह 'हाइड्रोजन बम' नहीं है, बल्कि 'हाइड्रोजन बम' अभी आने वाला है।
Rahul Gandhi: 'चुनाव आयोग के अंदर से मिल रही है मदद'
राहुल गांधी ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें अब चुनाव आयोग के अंदर से मदद मिलनी शुरू हो गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें अंदरूनी जानकारी मिल रही है और यह प्रक्रिया अब रुकने वाली नहीं है।
कर्नाटक और महाराष्ट्र का जिक्र: क्या है आरोप?
राहुल गांधी ने कर्नाटक की आलंद विधानसभा और महाराष्ट्र की राजुरा विधानसभा सीटों का उदाहरण दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सीटों पर जानबूझकर अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी और ओबीसी वर्ग के लाखों वोट काटे गए ताकि विपक्ष के वोट कम हो सकें।
- आलंद विधानसभा (कर्नाटक): राहुल गांधी ने बताया कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले यहां 6,018 वोट डिलीट करने की कोशिश की गई थी, क्योंकि यह कांग्रेस की मजबूत सीट है।
- राजुरा विधानसभा (महाराष्ट्र): यहां राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 6,850 नए वोट अचानक जोड़ दिए गए।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप और 'अल्टिमेटम'
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सीआईडी ने 18 महीनों में 18 पत्र भेजे, लेकिन चुनाव आयोग ने आईपी एड्रेस और ओटीपी ट्रेल जैसी महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को एक सप्ताह का अल्टिमेटम देते हुए कहा, 'अगर एक सप्ताह में जवाब नहीं मिला तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि चुनाव आयोग भी संविधान की हत्या करने वालों के साथ है।'












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