शहजादे, यूपी के नेताजी के लिये विष का प्याला बनी नमो चाय

Namo Chai
कांग्रेसी नेता मण‍िशंकर अय्यर ने कहा था, "नरेंद्र मोदी चाहें तो कांग्रेस के कार्यक्रम स्थल के बाहर चाय बेच सकते हैं" और मुलायम सिंह यादव ने वाराणसी में मोदी को लुटेरा कहा और अब राहुल गांधी ने सीधे शब्दों में मोदी को गुजरात दंगों का जिम्मेदार ठहरा दिया। सच पूछिए तो मण‍िशंकर, उनके बॉस यानी शहजादे और खुद मुलायम के अंदर कहीं न कहीं चाय वाले की लहर का डर है जो उनके बयानों में साफ झलक रहा है। या फिर यूं कहिये कि यूपी के नेताजी और शहजादे के लिये नमो चाय विष का प्याला बन गई है।

लोकसभा चुनाव अभी तीन महीने दूर है और नरेन्‍द्र मोदी की लहर पूरे उत्‍तर प्रदेश में फैल चुकी है। फिलहाल तो सभी की आंखें मुस्लिम बोट वैंक पर टिकी हुई हैं, तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल, मुस्लिम समुदाय को लुभाने की कोशिश में लगे हुए है। अगर समाजवादी पार्टी अपने आपको, मुजफ्फरनगर दंगों के बाद, मुस्लिमों का सच्‍चा रक्षक प्रोजेक्‍ट करने का प्रयास करती है और राज्‍य कैबिनेट में तीन मुस्लिम मंत्रियों को बढ़ावा देती है, ऐसे में कांग्रेस का मुस्लिमों को जीतने के लिए किया जाने वाला प्रयास अधिक वि‍चित्र होगा।

मुस्ल‍िम वोटों पर नजर

इन पार्टियों के नेता, जोर-शोर से उत्‍तर प्रदेश में भाजपा के चुनाव मामलों के प्रभारी अमित शाह को टारगेट करने में लगे हुए हैं। कांग्रेस के नेता बेनी प्रसाद ने हाल ही में एक मजेदार बयान दिया, उनका कहना है कि अमित शाह ही मुलायम सिंह यादव और नरेन्‍द्र मोदी के लिए भाषण लिखते है। यह बयान मुसलमान मतदाताओं के लिए था, कि मुलायम सिंह यादव ने भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) के साथ हाथ मिला लिया। इस बयान से सबसे ज्‍यादा नुकसान समाजवादी पार्टी को हुआ, क्‍योंकि अगर कांग्रेस पार्टी, मुस्लिमों के मन में अपनी जगह बना लेगी और सपा को उनके दिमाग से निकाल फेकेंगी, तो आने वाले लोकसभा चुनाव में वह वोट का बड़ा हिस्‍सा खो देगें।

सपा इस प्रकार की दुविधा भरी स्थिति का सामना 2009 के लोकसभा चुनाव में भी कर चुकी है, जब मुलायम सिंह, कल्‍याण सिंह के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव के लिए गए थे। यह गठबंधन, मुसलमानों को नहीं भाया और उनके सारे वोट कांग्रेस की ओर चले गए। पार्टी के लिए वह निर्णय एक आपदा बन गया था। 2004 में, समाजवादी पार्टी ने 35 सीटों को जीता था, लेकिन 2009 में सीटों की संख्‍या मात्र 22 ही रह गई। इस तरीके से कांग्रेस काफी बड़े फायदे में रही, क्‍योंकि 2004 में उसके पास सिर्फ 9 सीटें थी, जो 2009 में बढ़कर 22 हो गई थी।

मुसलमानों में बोया जा रहा शक का बीज

बेनीप्रसाद वर्मा कुछ ऐसा ही शक का बीज, मुसलमानों के मन में बोना चाह रहे थे, ताकि उनकी पार्टी को एक बार फिर से लाभ मिल सकें। उन्‍होने समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के लिए मैच-फिक्सिंग जैसे सटीक शब्‍द का इस्‍तेमाल किया था और सपा की छवि खराब करने के लिए कहा कि अमित शाह, नरेन्‍द्र मोदी और मुलायम सिंह, दोनों के लिए भाषण लिखते है। यह साफ-साफ दर्शाता है कि यह बयान पूरी तरीके से सोच समझकर दिया गया है।

वैसे भी मुसलमान, यूपी के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव से नाराज हैं क्‍योंकि मुजफ्फरनगर दंगों के समय उनका सरकार को संभालने का तरीका सही नहीं था। वे इसलिए भी गुस्‍सा थे, क्‍योंकि अखिलेश यादव ने दंगा पीडि़तों की मदद करने के बजाय अपने गृह नगर में होने वाले सैफई महोत्‍सव में ज्‍यादा दिलचस्‍पी दिखाई। ऐसा करना, मुसलमानों के जख्‍म पर नमक छिड़कने जैसा हो गया। इसके अलावा, सवाल इस मुद्दे पर भी उठ खड़े हुए कि जब राहत शिविरों में लोग सड़ रहे थे, तो समाजवादी पार्टी के नेता और मं‍त्रियों, एक अध्‍ययन के दौरे पर विदेश जाने जरूरत क्‍या थी।

कौन है मुसलमानों का सच्चा रक्षक

उत्‍तर प्रदेश में भाजपा के प्रवक्‍ता, विजय बहादुर पाठक ने विपक्ष को कहा कि वह अमित शाह के खिलाफ ऐसे झूठे आरोप लगाने से दूर रहें। पाठक का कहना है कि कांग्रेस जैसी पार्टी, नरेन्‍द्र मोदी की लोकप्रियता से डरने लगी है और इसलिए वह इस तरह भाजपा के खिलाफ झूठी अफवाह फैला रहे है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्‍ता, राजेन्‍द्र चौधरी ने सतर्कता बरतते हुए कहा कि आखिरकार अमित शाह, मुलायम सिंह के भाषण क्‍यों लिखेगें?

नेताजी (मुलायम सिंह को इसी नाम से राजनीति में जाना जाता है) मुसलमानों के सच्‍चे रक्षक है। वह कभी भी अपने जीवन में सांप्रदायिक नेताओं से मदद नहीं लेगें। चौधरी ने वकालत करते हुए कहा कि नेताजी ने कैबिनेट में मुसलमान म‍ंत्रियों को कैबिनेट रैंक में ज्‍यादा बढ़ोत्‍तरी की है, साथ ही साथ उन्‍होने मुसलमान लोगों से इन अफवाहों से दूर रहने का निवेदन किया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+