अमेठी रामभरोसे, नाराज हुई राहुलगांधी से
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) राहुल गांधी का इंतजार उनकी अमेठी को भी है। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वे एक बार ही अमेठी गए और उसके बाद उसे उन्होंने राम भरोसे छोड़ दिया। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि वे जल्दी ही अमेठी जाएंगे।
हालांकि वे वापस दिल्ली आ गए पिछले दिनों। रविवार को वे रामलीला मैदान में भी थे। खूब गरिया रहे थे पीएम मोदी को। पर जानकारों ने बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र की जनता उनसे बहुत नाराज है। वहां के किसानों की फसलें अचानक से आई बारिश के कारण बर्बाद हो गई, पर राहुल गांधी उनके संकट के समय कहीं नहीं थे।
संजय गांधी ने लड़ा चुनाव
बता दें कि बता दें 1980 में संजय गांधी ने वहां से चुनाव लड़ा और अमेठी में गांधी परिवार की दस्तक हुई। 1998-99 के लोकसभा चुनाव को छोड़ दिया जाए, तो ये सीट कांग्रेस के खाते में ही रही। इन दोनों चुनावों में यहां गांधी-नेहरू परिवार से कोई मैदान में नहीं था।
लैंड बिल पर बोले
अमेठी से हाल ही में लौटकर आए राजधानी के एक वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि अमेठी की जनता को गिला है कि राहुल गांधी उनके दुख-दर्द सुनने के लिए तैयार नहीं है। वे वापस आए तो लैंड बिल पर बोलने लगे। वे संसद में भी अपने क्षेत्र के मसले नहीं उठाते।
मनाने जाएँगे अमेठी
इस बीच, जानकारी मिली है कि राहुल गांधी अपने क्षेत्र की उनसे नाराज जनता को मनाने जल्दी अमेठी जाएंगे। उनके साथ उनकी बहन प्रिंयका भी जा सकती हैं।
गुमशुदगी के पोस्टर
जिन दिनों वे अज्ञातवास में गए थे, तब अमेठी में बहुत से पोस्टर लगा दिए गए थे जिसमें कहा गया था कि राहुल गांधी लापता हैं। उन्हें तलाश करने वाले को इनाम मिलेगा।
हराया था ईरानी को
बता दें कि राहुल गांधी ने 2014 का लोकसभा चुनाव अमेठी से कड़ी मशक्कत के बाद जीता था। उन्होंने स्मृति ईरानी को हराया था। उन्होंने 2009 लोकसभा चुनाव में 3.50 लाख से अधिक वोट से अमेठी सीट पर जीत दर्ज की थी। उत्तर प्रदेश की राजनीति को जानने वाले जानते हैं कि अब अमेठी राहुल गांधी के लिए सुरक्षित नहीं रही है।













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