दुनिया की कोई ताकत जाति जनगणना को नहीं रोक सकती... राहुल गांधी ने कहा हमारी सरकार बनी तो ये पहला काम होगा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना को अपनी जिंदगी का मिशन बताया है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो सबसे पहला काम जाति जनगणना करवाने का किया जाएगा। वेल्थ रिडिस्ट्रिब्यूशन विवाद पर राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी उनकी पार्टी के 'क्रांतिकारी' मेनिफेस्टो को देख घबरा गए हैं।
राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली में 'समृद्ध भारत' नामक संगठन की ओर से आयोजित सामाजिक न्याय सम्मेलन में मुख्य वक्ता के तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि जाति जनगणना उनके लिए राजनीति नहीं है बल्कि उनकी जिंदगी का एक मिशन है।

राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत जाति जनगणना को नहीं रोक सकती। जब कांग्रेस सत्ता में आएगी तो जनगणना पहला काम होगा जो हम करेंगे। यह मेरी गारंटी है।
राहुल ने कहा कि, 'हिंदुस्तान में आज 90 प्रतिशत लोगों के साथ भयंकर अन्याय हो रहा है। मैंने ऐसा नहीं कहा कि हम कोई कार्रवाई करेंगे, हमने सिर्फ यह कहा कि यह पता लगाएंगे कि कितना अन्याय हो रहा है।'
उन्होंने कहा कि भाजपा ने 20-25 व्यापारियों को 16 लाख करोड़ रुपये ऋण माफी के रूप में बांट दिए हैं। अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो उस पैसे को फिर से हासिल करके 90 फीसदी जरूरतमंद जनता के बीच बांटेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि जाति जनगणना से पता चल जाएगा कि किन समुदायों को फायदा हो रहा है और सामाजिक-आर्थिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए क्या किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा दलितों और आदिवासियों के इतिहास को "मिटा" रही है।
गांधी ने कहा कि उन्हें 'जाति' में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन 'न्याय' में उनकी दिलचस्पी है। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा, ''मोदी ने देश से 10 साल पहले कहा कि वह ओबीसी हैं। जैसे ही मैंने जाति आधारित जनगणना और एक एक्सरे की बात की तो नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि जाति ही नहीं होती है। अगर जाति नहीं है तो आप ओबीसी कैसे हैं? आपको उसी समय कहना चाहिए था कि मेरी कोई जाति नहीं है।''
राहुल ने आगे कहा, "मोदी कहते हैं कि भारत में दो ही जातियां हैं गरीब और अमीर...तो गरीब और अमीर की लिस्ट निकालो। गरीबों की सूची में ओबीसी, दलित, आदिवासी तो मिल जाएंगे लेकिन अमीरों की सूची में ये नहीं मिलेंगे।''
राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह पर राहुल ने कहा, "राम मंदिर और संसद भवन उद्घाटन में एक भी दलित, आदिवासी को नहीं देखा गया। 90% आबादी इस बात को समझ रही है।"
राहुल ने 22 जनवरी को आयोजित राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अलग रखने पर भी भाजपा पर कटाक्ष किया। उन्होंने यह भी कहा कि देश की मीडिया उन्हें "गैर-गंभीर" राजनेता के रूप में चित्रित करती है।












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