Leader of Opposition: राहुल गांधी लोकसभा में बने नेता प्रतिपक्ष, स्पीकर ओम बिड़ला ने दी मान्यता
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में स्पीकर ओम बिड़ला ने दी मान्यता दे दी। बुधवार को जारी एक अधिसूचना में, लोकसभा सचिवालय ने आधिकारिक तौर पर लोकसभा में विपक्ष का नेता घोषित किया गया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेता व रायबरेली से सांसद राहुल गांधी को अधिनियम, 1977 में विपक्ष के नेताओं के वेतन और भत्ते की धारा 2 के तहत विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस फैसले की जानकारी लोकसभा सचिवालय को दी, जिसके बाद सचिवालय ने एक अधिसूचना जारी कर सदन के इस निर्णय को सार्वजनिक किया।

आईएनडीआईए गठबंधन इस बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को सत्ता में आने से रोकने में असफल जरूर रहा लेकिन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 543 लोकसभा सीटों में से 99 सीटें जीतीं। इस बार 2014 की तुलना में उनका प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा।
नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी का रोल-
संसदीय कार्यों में भूमिका
विपक्ष का नेता संसद में सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की आलोचना करने और सवाल उठाने के लिए स्वतंत्र होता है. साथ ही प्रमुख विधेयकों और नीतिगत मामलों पर विपक्ष का दृष्टिकोण संसद में रखते है.
संसदीय समितियों में रोल
नेता प्रतिपक्ष को विभिन्न संसदीय समितियों, जैसे लोक लेखा समिति और चयन समिति में सदस्यता दी जाती है, साथ ही संसदीय समितियों द्वारा लिए गए निर्णय में विपक्ष के नेता का अहम रोल है।
संवैधानिक पदों की नियुक्ति में भूमिका
संवैधानिक पदों पर होने वाली नियुक्तियों में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी मायने रखती है. उदाहरण के लिए बात करें तो केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC), सूचना आयुक्त, और लोकपाल की नियुक्ति में नेता प्रतिपक्ष की राय भी लेने का प्रावधान है।












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