Bilkis Bano case: राहुल गांधी ने साधा पीएम मोदी पर निशाना, पी चिदंबरम ने बताई रिहाई की क्रोनोलॉजी
नई दिल्ली, 18 अगस्त: बिलकिस बानो गैंगरेप केस में गुजरात सरकार ने अपनी छूट नीति के तहत जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 11 अभियुक्तों को रिहा कर दिया गया। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन सभी दोषियों को गोधरा जेल में रिहा किया गया। रेप केस के दोषियों के जेल से बाहर आने के बाद कांग्रेस सहित विपक्षी दल सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर हैं, जिस पर अब कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने निशाना साधा है।
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कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा, "उन्नाव-भाजपा MLA को बचाने का काम, कठुआ- बलात्कारियों के समर्थन में रैली, हाथरस- बलात्कारियों के पक्ष में सरकार, गुजरात- बलात्कारियों की रिहाई और सम्मान! अपराधियों का समर्थन महिलाओं के प्रति भाजपा की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। ऐसी राजनीति पर शर्मिंदगी नहीं होती, प्रधानमंत्री जी?"
कथनी और करनी में अंतर: राहुल गांधी
इससे पहले राहुल गांधी ने इसी मामले में ट्वीट करते हुए कहा था कि 5 महीने की गर्भवती महिला से बलात्कार और उनकी 3 साल की बच्ची की हत्या करने वालों को 'आजादी के अमृत महोत्सव' के दौरान रिहा किया गया। नारी शक्ति की झूठी बातें करने वाले देश की महिलाओं को क्या संदेश दे रहे हैं? प्रधानमंत्री जी, पूरा देश आपकी कथनी और करनी में अंतर देख रहा है।
पी चिदंबरम ने बताई रिहाई की क्रोनोलॉजी
वहीं वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भी बीजेपी सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया, उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, "गुजरात में सामूहिक बलात्कार के दोषी 11 लोगों को रिहा किए जाने की एक दिलचस्प कहानी है। समीक्षा पैनल में भाजपा के दो विधायक सीके राउलजी और सुमन चौहान थे! एक अन्य सदस्य मुरली मूलचंदानी थे, जो गोधरा ट्रेन जलाने के मामले में अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाह थे। इस समिति के अध्यक्ष कलेक्टर थे, ऐसे में बीजेपी की क्रोनोलॉजी समझिए।"
पी चिदंबरम ने इससे पहले बिलकिस बानो के दोषियों का 'स्वागत' किए जाने वाले एक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोगों से महिलाओं का सम्मान करने का आह्वान 'मात्र एक शब्द' है।












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