राजन का आलोचकों पर निशाना, बोले- नाम बदलकर कहते हैं थैंक्यू
नई दिल्ली। जाते-जाते रघुराम राजन ने जो मौद्रिक समीक्षा नीति पेश की, उसमें उन्होंने इस बार कोई बदलाव नहीं किया। जल्द ही रघुराम राजन का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। रघुराम राजन ने अपने पूरे कार्यकाल को बहुत अच्छा बताया। वे बोले कि आलोचकों की तरफ से की जाने वाली बातों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि वह मानते हैं कि उन्होंने देश को अपना अहम योगदान दिया है जिसके परिणाम अगले 5-6 सालों में दिखाई देंगे।

राजन बोले कि जब वह हवाई जवाज से सफर कर रहे होते हैं, तब भी लोग बिना अपना नाम बताए उन्हें उनके काम के लिए धन्यवाद कहते हैं। वे बोले कि उनके आलोचक और समर्थक क्या कहते हैं ये मायने नहीं रखता है। मायने यह रखता है कि उनके काम से देश की ग्रोथ में कितनी मदद मिलती है और उससे कितना रोजगार पैदा होता है।
चार सितंबर को कार्यकाल हो रहा है समाप्त
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसी चीज है जो 5-6 सालों के अनुभव से ही पता चलती है। वे बोले कि रिजर्व बैंक के लिए उन्होंने जो भी कदम उठाए हैं वह परिस्थिति के हिसाब से सही थे। सुब्रमण्यन स्वामी ने ब्याज दरें अधिक रखने वाला गवर्नर कहते हुए राजन की खूब आलोचना की। अब चार सितंबर को रघुराम राजन का तीन साल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
बिना नाम बताए कहते हैं 'थैंक्यू'
राजन ने कहा कि देखते हैं आने वाले 5-6 सालों में अब तक लिए गए फैसलों का क्या असर पड़ता है उसके बाद इस बात का निर्णय लिया जाएगा कि फैसले अच्छे थे या बुरे। जब उनसे पूछा गया कि आलोचकों के बारे में आपकी क्या राय है तो वे बोले- इस बारे में मैं कुछ नहीं कहना चाहता हूं। आलोचक हमेशा रहेंगे। ऐसे भी लोग हैं जो हवाई जहाज में मुझे बिना नाम बताए या नाम बदलकर कहते हैं कि आपने जो भी किया है उसके लिए धन्यवाद। यह सब उनके काम का हिस्सा है।
मैंने फैंटास्टिक जॉब की
वे बोले कि सबसे जरूरी बात यह है कि अंत में आप क्या सोचते हैं। क्या आपको लगता है कि आपने जो योगदान दिया वह देश और देश के लोगों के लिए फायदेमंद रहा या नहीं। राजन ने कहा कि इस हिसाब से मुझे लगता है कि मैंने फैन्टास्टिक जॉब (बहुत अच्छा काम) की है। वे बोले कि आप अपना ऑफिस यह कहते हुए छोड़ें कि आपने अच्छा काम किया है, ऐसी बहुत कम ही जगहें होती हैं, जहां आपको अपने काम से संतुष्टि मिलती है।
पद छोड़ने के बाद क्या करेंगे राजन?
जब राजन से पूछा गया कि पद छोड़ने के बाद वह क्या करेंगे तो उन्होंने कहा कि वह वही करेंगे जो गवर्नर बनने से पहले करते थे। वह पद छोड़ने के बाद यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो चले जाएंगे और साथ ही विभिन्न भारतीय कोर्सेस से भी जुड़े रहेंगे। इसका एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इससे पहले वह इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से जुड़े हुए थे। वे बोले कि देखते हैं और आगे क्या होगा, अभी तक मैंने इसकी कोई योजना नहीं बनाई है। मीडिया द्वारा राजन के परिवार वालों से लगातार बात करने की कोशिशों पर वह बोले कि परिवारि को लोगों को इन सबसे दूर रखा जाना ही बेहतर है।












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