चीन हो या पाकिस्तान, अब किसी की खैर नहीं, आज वायुसेना में शामिल होगा 'बाहुबली' राफेल
अंबाला। चाहें चीन और या पाकिस्तान या कोई और मुल्क, हिंदुस्तान पर बुरी नजर रखने वालों की अब खैर नहीं। जी हां देश का महाबली फाइटर जेट राफेल आज औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना के 17वें स्क्वाड्रन, "गोल्डन ऐरो" का हिस्सा बनेगा। सुबह 10 बजे से होने वाले इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनााथ सिंह, फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली, सीडीएस जनरल विपिन रावत और एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया मौजूद रहेंगे।
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आपको बता दें कि पांच राफेल का पहला जत्था अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर 29 जुलाई को पहुंचा था। इन पांच राफेल में तीन सिंगल और दो डबल सीटर जेट शामिल हैं। राफेल का पहला स्क्वाड्रन अंबाला एयर बेस से संचालित होगा। क्योंकि यहां से पाकिस्तान और चीन पर कुछ ही क्षणों में मार की जा सकती है। बता दें कि अपनी एवियॉनिक्स, राडार और हथियार प्रणालियों के साथ राफेल दक्षिण एशिया में सबसे शक्तिशाली विमान है। हालांकि यह लड़ाकू विमान पहले ही लद्दाक और हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान भर चुके हैं।
अभ्यास से थर्रा रहा है आसमान
बताया जा रहा है कि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में 10 सितंबर को होने वाले समारोह के लिए राफेल जेट के चुनिंदा पायलट कई दिनों से पांचों राफेल के साथ जोरदार अभ्यास कर रहे हैं। इनके अभ्यास के दौरान पूरा आकाश थर्रा रहा है। ध्वनि से भी तेज रफ्तार से उड़ने वाला राफेल जेट एकदम खामोशी से आता है और जोरदार गर्जना के साथ पलभर में ही आंखों से ओझल हो जाता है।
राफेल का छोटा सा परिचय
साल 2016 में भारत सरकार ने फ्रांस सरकार के साथ 59,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल खरीदने का फैसला किया था। राफेल 4.5 जनरेशन के दुनिया के बेहतरीन लड़ाकू विमानों में एक है। यह दो इंजन वाला मल्टी रोल एयरकाफ्ट है। यह एक ऐसा एयरक्राफ्ट है जो एक ही उड़ान में कई मिशन को अंजाम दे सकता है। इसमें मेटेओर मिसाइल लगी है। यह 150 किलोमीटर तक हवा से हवा में मार करने वाली दुनिया की घातक मिसाइलों में से एक है।
इसमें स्कैल्प मिसाइल भी लगी है जो हवा से जमीन पर मार करने के लिए है। यह 300 किलोमीटर तक दुश्मन के घर में घुसकर मार करने में सक्षम है। तीसरी मिसाइल मीका है, जो हवा से हवा में मार करती है। इसकी रेंज है करीब 80 किलोमीटर। साथ में इसमें खतरनाक हैमर मिसाइल भी है जो हवा से जमीन पर 60 किलोमीटर तक हमला कर सकती है। राफेल की रफ्तार 2,130 प्रतिघंटा है। यह रडार को चकमा देने में माहिर है। यह दूर से ही दुश्मन पर बाज की तरह नजर रख सकता है। एक मिनट में 60 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। यह 24500 किलोग्राम तक का वजन ले जाने में सक्षम है। यह परमाणु हमला भी कर सकता है। राफेल चीन के J 20 और पाकिस्तान के एफ 16 से कहीं आगे है। इसके मुकाबले में यह दोनों विमान कहीं नहीं ठहरते।












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